डी.ए.वी.नेशनल स्पोर्ट्स में एम.के. डी.ए.वी. के छात्रों ने पदकों से भरी झोली।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी प्राप्त किया पांच स्वर्ण, चार रजत एवं एक कांस्य पदक।
24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 तक उत्तर प्रदेश के नोएडा स्टेडियम नोएडा में डी.ए.वी. नेशनल स्पोर्ट्स रोलर स्केटिंग का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में पूरे देश के डी.ए.वी पब्लिक स्कूलों के हजारों छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा किया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल प्रबंध कर्ती र्समिति नई दिल्ली के प्रधान श्री पूनम सूरी जी थे । यह प्रतिभागी संभागीय क्षेत्रीय प्रतियोगिताएं जीतने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होते हैं । इस प्रतियोगिता में इस विद्यालय के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 14 वर्ष आयु वर्ग में शिवम कुमार ने 1000 मीटर में रजत , 500 मीटर में कान्स्य पदक प्राप्त किया। हर्ष राज ने 300 मीटर में कान्स्य पदक प्राप्त किया। 14 वर्ष आयु वर्ग में 300 मीटर में अगम्य रंजन ने कांस्य तथा 500 मीटर में अवनूर कौर ने रजत पदक प्राप्त किया । इन छात्रों के साथ विद्यालय के खेल शिक्षक श्री विक्रम रॉय, श्रीमती अपर्णा पांडे,श्री वेद प्रकाश तिवारी एवं सुश्री संगीता मारजीत नोएडा गए हुए थे। झारखंड राज्य की प्रांत स्तरीय प्रतियोगिता में जो रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से 31 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक खेल गांव स्टेडियम रांची में आयोजित थी इसमें विद्यालय के छात्र शिवम कुमार ने 18 वर्ष आयु वर्ग में एक स्वर्ण एवं दो रजत पदक प्राप्त किया । साथ ही बेस्ट प्लेयर भी घोषित किए गए। हर्ष राज ने 2 रजत एवं एक कांस्य पदक प्राप्त किया।
अवनूर कौर तीन स्वर्ण पदक जीत कर बेस्ट प्लेयर घोषित की गई तथा आदित्य गुप्ता ने भी एक कांस्य पदक जीता। पिछले वर्ष 2025-26 में यह विद्यालय डी.ए.वी.नेशनल स्पोर्ट्स में उपजेता घोषित किया गया था । इस वर्ष के खिलाड़ी श्री शिवम कुमार को रोलर स्केटिंग हेतु 5100 रुपए के दो चेक एवं भारोतोलन हेतु युवराज दुबे को भी 5100 का चेक प्रदान किया गया।
3 नवंबर 2026 को विद्यालय की प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने पदक एवं चेक से सभी छात्रों को सम्मानित किया । प्राचार्य महोदया ने बताया कि डी.ए
वी नेशनल स्पोर्ट्स एस.जी.एफ.आई द्वारा मान्यता प्राप्त है । इसके प्रतिभागियों को नौकरियां एवं उच्च शिक्षा में आरक्षण का लाभ भी मिलता है । आज खेलों का उज्जवल भविष्य है। पहले एक कहावत चलती थी कि " पढ़ोगे- लिखोगे होगे नवाब, खेलोगे- कूदोगे होगे खराब " यह कहावत आज बदलकर यह हो गई है कि " खेलोगे- कूदोगे होगे लाजवाब" । आज युवा खेल के क्षेत्र में भी अच्छे कैरियर की राह देख रहे हैं। इस विद्यालय के छात्र पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी रुचि लेते हैं एवं क्षेत्रीय, राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। प्राचार्य महोदया ने सभी प्रतिभागियों को, उनके माता-पिता एवं विद्यालय के खेल शिक्षकों को बधाई देते हुए खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य के कामना की।






