भारतीय दर्शन में राम की मर्यादा अतुलनीय - अविनाश देव
मेदिनीनगर - भारतीय सनातन परंपरा में चैत्र का महीना बहुत ही खास और पवित्र माना गया है, क्योंकि एक कारण बालक राम का जन्म भी है। रामनवमी का धूम देश भर में चल रहा है रामजन्मोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह है। अपने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न रामोत्सव समिति के आमंत्रण पर पंडाल में गए ओ प्रभु राम के रूप का दर्शन किए। सबसे पहले सदर प्रखंड रजवाडीह गए जहां यज्ञ समिति के लोगों ने अंगवस्त्र पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किए। राम दरबार के दर्शन किए राम के चरित्र पर दर्शकों के बीच प्रकाश डाले।प्रसाद ग्रहण कर प्रस्थान किए। सुआ कौड़ियां रामनवमी पूजा में शामिल हुए मंदिर में माथा टेके। पूजा समिति के लोगों ने भगवान राम अंकित पट्टा व फूलमाला देकर स्वागत किए। सुआ में आज राम विवाहोत्सव था,अपने संबोधन में हमने कहा वर्तमान दौर में बेटियां जहां दहेज की बलिबेदी पर चढ़ रही है, जाति धर्म के नाम पर ऑनर किलिंग के शिकार हो रही है,उम्र बाधा बन रहा है वहीं श्रीराम न जाति पूछे न धर्म न शिक्षा न उम्र सीता के शर्त पूरा किया और शादी हुई। आज हम सभी लड़कियों के प्रति क्या नजरिया रखे हैं? मैं कहता हूं आज की बेटियां बोझ नहीं नई सोच है इन्हें मौका दें। हम स्कूल चलाते हैं कुछ आप खर्च करें कुछ मैं मदद कर दूंगा बेटियां पढ़ जाएगी। अगर जंगल में भी जाएगी तो मंगल ही होगा। बालक राम अपने संघर्षों के बदौलत मर्यादा में रहते हुए पुरुष पुरूषोतम हो गए। उनके एक एक चरित्र से हम सब को प्रेरणा लेना चाहिए,उनके मानने वाले इस्लामिक मुल्क में भी हैं, हम तो भारतीय सनातनी है। मेरे साथ सिविल कोर्ट के एडवोकेट मित्र ओंकार नाथ तिवारी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। जय सियाराम।






