शिमला, हिमाचल प्रदेश में पेंशन से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक
फैसला सामने आया है। राज्य की सुक्खू सरकार ने अपने ही हालिया निर्देशों को
वापस लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब अनुबंध सेवाकाल को पेंशन लाभ की
गणना में जोड़ा जाएगा। इस फैसले से उन हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की
उम्मीद है, जो अब तक पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के दायरे से बाहर रह गए
थे।
वित्त (पेंशन) विभाग द्वारा जारी नए आदेश में कहा गया है कि 16
फरवरी 2026 को जारी वह सरकारी स्पष्टीकरण, जिसमें अनुबंध सेवा को पेंशन में
न जोड़ने की बात कही गई थी, उसे उसकी जारी तिथि से ही वापस ले लिया गया
है। यह आदेश राज्यपाल की मंजूरी के बाद विशेष सचिव (वित्त) सौरभ जस्सल
द्वारा जारी किया गया है।
सरकार के इस यू-टर्न का सीधा असर उन
कर्मचारियों पर पड़ेगा, जिनकी नियमित सेवा अवधि दस वर्ष पूरी नहीं हो पा
रही थी। दरअसल, वपुरानी पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए सरकारी सेवा में कम
से कम दस वर्ष का सेवाकाल अनिवार्य है। पहले अनुबंध अवधि नहीं जुड़ने से
कई कर्मचारी इस सीमा तक नहीं पहुंच पा रहे थे और उन्हें नई पेंशन योजना
अपनानी पड़ रही थी। अब अनुबंध सेवाकाल जुड़ने से उनका कुल सेवाकाल पूरा हो
सकेगा और वे ओपीएस के पात्र बन सकेंगे।
वित्त विभाग ने यह भी
निर्देश दिए हैं कि नए आदेश को सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों,
उपायुक्तों और मंडलायुक्तों तक तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। सरकार का
कहना है कि यह कदम पेंशन संबंधी स्थिति को स्पष्ट करने और कर्मचारियों को
राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश में
वर्तमान में लगभग पौने तीन लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। पुरानी पेंशन योजना
बहाल होने के बाद करीब 1.36 लाख कर्मचारी इसके दायरे में आए हैं। हालांकि
बड़ी संख्या में कर्मचारी केवल इसलिए वंचित रह गए थे क्योंकि उनका अनुबंध
सेवाकाल पेंशन में नहीं जोड़ा जा रहा था। नए फैसले के बाद ऐसे कर्मचारियों
को पूरी पेंशन का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है।
पेंशन में जुड़ेगा अनुबंध सेवाकाल, हजारों कर्मचारियों को राहत, आदेश जारी





