टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से शनिवार को सीनी स्थित जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में आपदा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षु स्टेशन प्रबंधक, ट्रेन प्रबंधक, क्रू कंट्रोलर, टिकट परीक्षक, टीएनसी और टॉवर वैगन चालक सहित कुल 80 रेलकर्मियों ने भाग लिया। ये प्रशिक्षु दक्षिण पूर्वी रेलवे के विभिन्न स्टेशनों—विशाखापट्टनम, संबलपुर, बिलासपुर, राउरकेला और रांची से पहुंचे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के उप प्राचार्य ने किया। उद्घाटन सत्र में सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर और राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी और संस्थान के प्राचार्य के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंडल प्रशासन की ओर से सुरक्षा कार्यों के लिए आधुनिकतम उपकरण और अग्निशमन संयंत्र उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका प्रभावी उपयोग प्रशिक्षित और दक्ष कर्मियों के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कुशल प्रशिक्षण ही सुरक्षित और सफल रेल परिचालन की आधारशिला है।
प्रशिक्षण के दौरान आग के प्रकार, आग लगने के कारण, दहन के सहायक तत्व, आग बुझाने की विभिन्न विधियां, अग्निशमन यंत्रों के सुरक्षित प्रयोग, रखरखाव और समय-समय पर निरीक्षण की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई। पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से वास्तविक घटनाओं के उदाहरण भी साझा किए गए, ताकि प्रशिक्षु आपात स्थिति में त्वरित और सही निर्णय ले सकें।
दूसरे सत्र में डेमोन्स्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने मॉक ड्रिल के माध्यम से अग्निशमन यंत्रों का व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया। इसमें प्रशिक्षुओं को सिलेंडर आधारित अग्निशमन यंत्र चलाने, धुएं की स्थिति में सुरक्षित निकासी, घायलों को प्राथमिक सहायता देने और भीड़ नियंत्रण के उपायों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षुओं ने बारी-बारी से उपकरणों का प्रयोग कर अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।
संस्थान के मुख्य अनुदेशक संतोष कुमार ने कहा कि रेलवे जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि टाटानगर रेल सिविल डिफेंस को चक्रधरपुर के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी की ओर से सुरक्षित ट्रेन परिचालन, सुरक्षा उपायों के समन्वय और दुर्घटना की स्थिति में प्रभावी राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





