नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नागरिकों को ले जा रहे एक टैंकर पर हमले की खबर सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जहाज पर 27 भारतीय सवार थे और इसे निशाना बनाने के लिए लिम्पेट माइंस का इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है। घटना के बाद समुद्री मार्गों की सुरक्षा और जहाज पर मौजूद भारतीयों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। लिम्पेट माइंस ऐसे विस्फोटक उपकरण होते हैं, जिन्हें पानी के भीतर किसी जहाज के बाहरी हिस्से से चिपकाया जा सकता है। इनके विस्फोट से जहाज के ढांचे और संचालन को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। हालांकि, इस घटना में हमले की सटीक प्रकृति और उससे हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। इस क्षेत्र में किसी भी सुरक्षा घटना का असर समुद्री व्यापार, जहाजों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। 27 भारतीयों की स्थिति पर नजर घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल जहाज पर सवार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि सभी 27 भारतीय सुरक्षित हैं या किसी को चोट पहुंची है। उनकी स्थिति, जहाज को हुए नुकसान और हमले के पीछे जिम्मेदार पक्ष के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। हमले, लिम्पेट माइंस के इस्तेमाल और 27 भारतीयों की स्थिति की पुष्टि के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय, जहाजरानी मंत्रालय तथा संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के आधिकारिक बयान देखना आवश्यक है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीयों को ले जा रहे टैंकर पर हमले की खबर, 27 नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता






