वी शांताराम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के
जरिए एक नई दिशा दी। उनके बेहतरीन कामों में 'अमर भूपाली' (1951), 'दो
आंखें बारह हाथ' (1957) और 'नवरंग' (1959) जैसी फिल्में शामिल हैं। उनके
प्रभाव की सीमा केवल भारत तक सीमित नहीं रही, उनकी फिल्म 'मानूस' की तारीफ
खुद चार्ली चैपलिन ने की थी। सिद्धांत की यह बायोपिक दर्शकों को न केवल वी
शांताराम के जीवन और संघर्ष से अवगत कराएगी, बल्कि भारतीय सिनेमा के सुनहरे
दौर और उसके नवाचारों की झलक भी पेश करेगी।
भारतीय सिनेमा के बागी वी. शांताराम की भूमिका निभाएंगे सिद्धांत चतुर्वेदी
बॉलीवुड
अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी को आखिरी बार फिल्म 'धड़क 2' में देखा गया था।
इस फिल्म में उनके साथ तृप्ति डिमरी नजर आई थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म
को दर्शकों की तरफ से खास प्रतिक्रिया नहीं मिली। फिलहाल सिद्धांत अपनी नई
परियोजना के लिए तैयार हैं, जो एक बायोपिक होगी। इस फिल्म में वह मशहूर
फिल्म निर्माता वी शांताराम का किरदार निभाते दिखाई देंगे। उत्सुकता और
रोमांच बढ़ाने के लिए इस बायोपिक से सिद्धांत की पहली झलक भी पहले ही शेयर
कर दी गई है।
फिल्म की कास्ट और निर्देशक
इस बायोपिक को
अभिजीत शिरीष देशपांडे ने लिखा और निर्देशित किया है। फिल्म में वी
शांताराम के जीवन और उनके सिनेमा में योगदान को पर्दे पर दिखाया जाएगा।
सिद्धांत ने अपने पोस्टर के साथ लिखा, "भारतीय सिनेमा को नया रूप देने वाला
विद्रोही वापस वहीं आ गया है, जहां उसकी जगह है।" पोस्टर में सिद्धांत
धोती-कुर्ता और टोप़ी में नजर आ रहे हैं, जो उनके लुक को बेहद शानदार बना
रहा है। फिल्म में तमन्ना भाटिया और फरदीन खान भी प्रमुख भूमिकाओं में
होंगे। हालांकि, फिल्म का नाम और रिलीज़ डेट अभी आधिकारिक तौर पर घोषित
नहीं हुई है।
