यह खोज ब्राजील के पश्चिमी एकर क्षेत्र में ऊपरी जुरुआ नदी के आसपास किए गए मैदानी सर्वेक्षणों के दौरान हुई। शोधकर्ताओं ने मोआ और क्रोआ नदियों के नजदीक स्थित जंगलों से नमूने एकत्र किए और उनके आनुवंशिक, शारीरिक तथा व्यवहार संबंधी पहलुओं का अध्ययन किया। नई प्रजाति की पहचान में DNA विश्लेषण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वैज्ञानिकों ने आनुवंशिक आंकड़ों की तुलना करीबी प्रजातियों से करने के साथ-साथ मेंढक के शरीर की बनावट, उसके रहने के स्थान और वैज्ञानिक संग्रहों में मौजूद नमूनों का भी अध्ययन किया। इससे पुष्टि हुई कि यह पहले से दर्ज प्रजातियों से अलग है। इस मेंढक की मिलन पुकार (mating call) भी इसकी पहचान का अहम आधार बनी। शोधकर्ताओं के मुताबिक इसकी आवाज छोटी और अपेक्षाकृत धीमी गति से आती है, जो इसी समूह के अन्य मेंढकों की आवाज से अलग है। यही विशेषता वैज्ञानिकों को इसे करीबी प्रजातियों से अलग करने में मदद करती है। Adenomera समूह की अधिकांश ज्ञात प्रजातियां आमतौर पर सूखे या अपेक्षाकृत ऊंचे जंगलों से जुड़ी रही हैं। नई प्रजाति का मौसमी रूप से डूबने वाले वर्जिया (várzea) जंगलों में पाया जाना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष के कुछ हिस्सों में इन जंगलों में पानी भर जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज अमेजन में मौजूद ‘क्रिप्टिक डायवर्सिटी’ यानी ऐसी जैव विविधता को समझने में मदद करती है, जिसमें अलग-अलग प्रजातियां बाहरी रूप से लगभग एक जैसी दिखाई दे सकती हैं। शोधकर्ताओं के पास अभी इस नई प्रजाति के जीवनचक्र, प्रजनन और पर्यावरणीय जरूरतों की पूरी जानकारी नहीं है। इसलिए यह तय करना जल्दबाजी होगी कि जलवायु परिवर्तन इसका कितना प्रभाव डालेगा। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसमी बाढ़ के स्वरूप में बदलाव इसके आवास और प्रजनन व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, किसी नई प्रजाति को औपचारिक रूप से पहचानना केवल वैज्ञानिक रिकॉर्ड बढ़ाने तक सीमित नहीं है। जिन प्रजातियों की पहचान नहीं हुई है, वे संरक्षण और विलुप्ति-जोखिम के आकलन से बाहर रह सकती हैं। ऐसे में Adenomera varcena की खोज अमेजन के उन जीवों पर भी ध्यान दिलाती है, जिनके बारे में विज्ञान अभी बहुत कम जानता है।ब्रासीलिया, 19 सितंबर 2026। पश्चिमी अमेजन के मौसमी रूप से बाढ़ आने वाले जंगलों में वैज्ञानिकों ने मेंढक की एक नई प्रजाति की पहचान की है। इसे Adenomera varcena नाम दिया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मेंढक देखने में अपनी करीबी प्रजातियों जैसा ही है, इसलिए केवल बाहरी रूप के आधार पर इसकी अलग पहचान करना मुश्किल था।
DNA ने खोला प्रजाति का राज
बाढ़ वाले जंगल में रहना खास बात
जलवायु परिवर्तन को लेकर भी चिंता
संरक्षण के लिए खोज महत्वपूर्ण
अमेजन के बाढ़ग्रस्त जंगलों में मिली नई मेंढक प्रजाति, DNA और अनोखी आवाज से हुई पहचान






