हवाना। क्यूबा एक बार फिर बड़े पैमाने पर बिजली संकट की चपेट में आ गया। शुक्रवार को देश का राष्ट्रीय बिजली ग्रिड पूरी तरह बंद हो गया, जिसके चलते द्वीप के लाखों लोगों को बिजली आपूर्ति से वंचित होना पड़ा। यह इस साल क्यूबा में सामने आया कई बड़े राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट में से एक है। क्यूबा के अधिकारियों के अनुसार, मध्य क्यूबा में हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों में खराबी के बाद बिजली व्यवस्था चरमरा गई। इसके बाद ग्रिड का एक हिस्सा दूसरे हिस्सों से अलग हो गया और पूरे राष्ट्रीय विद्युत तंत्र पर असर पड़ा। अधिकारियों ने बिजली व्यवस्था को धीरे-धीरे बहाल करने के लिए प्रक्रियाएं शुरू करने की जानकारी दी। ब्लैकआउट के बाद राजधानी हवाना समेत देश के बड़े हिस्से में बिजली गुल रही। रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार शाम तक हवाना के केवल लगभग 5 प्रतिशत उपभोक्ताओं को बिजली मिल पाई थी। अस्पतालों और कुछ जरूरी सेवाओं वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर बिजली बहाल करने की कोशिश की गई। क्यूबा लंबे समय से ईंधन की कमी और पुराने बिजली संयंत्रों की समस्या से जूझ रहा है। बिजली उत्पादन के लिए जरूरी ईंधन और रखरखाव संबंधी संसाधनों की कमी ने स्थिति को और मुश्किल बनाया है। देश के कई हिस्सों में राष्ट्रीय ग्रिड चालू रहने के बावजूद लंबे समय तक बिजली कटौती होती रही है। ताजा घटना से पहले भी क्यूबा में इस साल कई बार बड़े पैमाने पर बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। एएफपी के अनुसार, शुक्रवार का ब्लैकआउट 2026 का सातवां बड़ा राष्ट्रव्यापी बिजली संकट था और 2024 के अंत से अब तक ऐसे 12 बड़े घटनाक्रम दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार बिजली कटौती का असर क्यूबा में परिवहन, पानी की आपूर्ति, कारोबार, संचार और घरेलू गतिविधियों पर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में लोग लंबे समय तक बिजली के बिना रहने को मजबूर हैं। ताजा संकट के बीच अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य बिजली व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से दोबारा स्थिर करना है।हाई-वोल्टेज लाइन में खराबी से शुरू हुआ संकट
हवाना समेत कई इलाकों में अंधेरा
ईंधन की कमी और पुराना ढांचा बड़ी चुनौती
इस साल कई बार हो चुका है ग्रिड फेल
आम जनजीवन पर असर







