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काला सागर में ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव, NATO देशों ने समुद्री सुरक्षा को लेकर जताई चिंता


नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अक्टूबर महीने में अब तक कम से कम सात मालवाहक और व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि कम से कम 25 लोगों के लापता होने की सूचना है। हमलों के बाद रोमानिया और बुल्गारिया समेत NATO सदस्य देशों ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। 

व्यापारिक जहाजों को बनाया जा रहा निशाना

रिपोर्टों के अनुसार, काला सागर में रोमानिया और बुल्गारिया के तटों के आसपास कई वाणिज्यिक जहाज ड्रोन हमलों की चपेट में आए हैं। कुछ जहाजों में आग लगने और एक जहाज के डूबने की खबर है। इन घटनाओं के बाद बचाव दल लापता चालक दल के सदस्यों की तलाश में जुटे हैं।

15 अक्टूबर को रोमानिया के तट के पास Wine Trader नामक रासायनिक टैंकर पर हमले के बाद उसमें आग लग गई। जहाज पर सवार 12 लोगों में से पांच को बचा लिया गया, जबकि सात अन्य लापता बताए गए। इससे पहले Yara J नामक एक अन्य टैंकर भी ड्रोन हमले की चपेट में आया था। इन घटनाओं की जांच की जा रही है।

रोमानिया और बुल्गारिया ने बढ़ाई सुरक्षा की मांग

लगातार हो रही घटनाओं के कारण NATO के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। बुल्गारिया ने गठबंधन से अतिरिक्त सहायता मांगी है, जिसमें लड़ाकू विमान और ड्रोन-रोधी प्रणालियां उपलब्ध कराने का अनुरोध शामिल है। रोमानिया भी अपनी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के प्रयास कर रहा है।

NATO महासचिव मार्क रुटे ने कहा है कि गठबंधन अपने पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन से निपटने की क्षमता बढ़ा रहा है और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगा। इन कदमों का उद्देश्य संभावित हमलों से सदस्य देशों और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की रक्षा करना है। 

यूक्रेन के अनाज निर्यात पर पड़ सकता है असर

काला सागर यूक्रेन के कृषि उत्पादों, खासकर अनाज, को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। युद्ध के दौरान बंदरगाहों और परिवहन नेटवर्क पर हमलों के कारण यूक्रेन को अपने निर्यात के लिए वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर रहना पड़ा है।

अब व्यापारिक जहाजों पर हमलों से समुद्री परिवहन की लागत और जोखिम बढ़ने की आशंका है। जहाजों का बीमा महंगा होने से माल ढुलाई की लागत पर दबाव पड़ सकता है। इसका असर अनाज और अन्य वस्तुओं के वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, रोमानिया के कॉन्स्टांटा बंदरगाह पर व्यापार पूरी तरह बाधित होने की पुष्टि नहीं हुई है।

हमलों के पीछे किसका हाथ? जांच जारी

इन घटनाओं के लिए रूस की भूमिका को लेकर संदेह जताया जा रहा है, लेकिन सभी हमलों के संबंध में जिम्मेदारी की निर्णायक पुष्टि नहीं हुई है। बुल्गारिया के नेतृत्व ने रूस की संभावित भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जबकि अधिकारियों ने यह भी माना है कि ठोस सबूत के बिना अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। इसलिए इन घटनाओं को लेकर जांच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है। 

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

काला सागर में बढ़ते हमले केवल रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष तक सीमित नहीं हैं। NATO देशों के आर्थिक समुद्री क्षेत्रों के पास नागरिक जहाजों को नुकसान पहुंचने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। यदि भविष्य में ऐसे हमले और तेज होते हैं, तो समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और खाद्य निर्यात पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है।

फिलहाल, प्रभावित जहाजों के चालक दल की तलाश, हमलों की जांच और समुद्री मार्गों की सुरक्षा मजबूत करना संबंधित देशों की प्राथमिकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में NATO और उसके सहयोगियों की प्रतिक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।

कॉपीराइट संबंधी नोट: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्टों के तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र हिंदी भाषा और नए वाक्य-विन्यास में तैयार किया गया है। जहां हमलों के लिए जिम्मेदारी तय नहीं हुई है, वहां आरोपों को पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। स्वतंत्र पुनर्लेखन किसी भी संभावित कॉपीराइट दायित्व से पूर्ण कानूनी छूट की गारंटी नहीं देता।