अमेरिका में 3 नवंबर को प्रस्तावित मध्यावधि चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने के लिए प्रचार अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत उन्होंने दोबारा चुनावी रैलियों और जनसभाओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है। ट्रंप का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में लामबंद करना और पार्टी की स्थिति मजबूत करना है। चुनाव से पहले वह अपनी सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को प्रमुखता से पेश कर रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में मतदाताओं से वोट देने की अपील भी कर रहे हैं। इस चुनाव का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इसमें अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों—प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट—की राजनीतिक स्थिति तय होगी। इन सदनों में बहुमत का समीकरण ट्रंप प्रशासन के आगामी फैसलों और विधायी एजेंडे को सीधे प्रभावित कर सकता है। यदि रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहती है, तो राष्ट्रपति को नीतिगत फैसलों और विधायी प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में अपेक्षाकृत आसानी हो सकती है। वहीं, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की मजबूत स्थिति प्रशासन के लिए नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी कर सकती है। फिलहाल चुनावी मुकाबले में दोनों दलों की रणनीति, मतदाताओं का रुझान और प्रमुख राज्यों के नतीजे अमेरिकी राजनीति की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप ने संभाला प्रचार अभियान, रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में जुटे






