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यूक्रेन को 2.1 अरब डॉलर की पैट्रियट मिसाइलें देने की अमेरिकी मंजूरी, रूस के खिलाफ मजबूत होगी हवाई सुरक्षा


वॉशिंगटन/कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान अमेरिका ने यूक्रेन की सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अमेरिका ने यूक्रेन को लगभग 2.1 अरब डॉलर की पैट्रियट PAC-3 मिसाइलों की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस रक्षा सौदे का वित्तीय बोझ यूरोपीय देशों, कनाडा और यूक्रेन के अन्य सहयोगियों द्वारा उठाए जाने की योजना है।

हवाई हमलों से बचाव में मिलेगी मदद

पैट्रियट PAC-3 मिसाइलें आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनका इस्तेमाल दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों को रोकने के लिए किया जाता है।

रूस की ओर से यूक्रेन के विभिन्न शहरों और सैन्य ठिकानों पर लगातार मिसाइल तथा ड्रोन हमलों के बीच इन मिसाइलों की उपलब्धता यूक्रेन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

यूरोपीय देशों और कनाडा पर होगी वित्तीय जिम्मेदारी

इस प्रस्तावित सौदे की खास बात यह है कि इसकी लागत अमेरिका के बजाय यूक्रेन के अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों द्वारा वहन किए जाने की व्यवस्था है। यूरोपीय देशों और कनाडा सहित सहयोगी राष्ट्र इस खरीद में आर्थिक योगदान देंगे।

इस व्यवस्था से यूक्रेन को अमेरिकी रक्षा तकनीक उपलब्ध कराने के साथ-साथ उसके सहयोगियों की सैन्य और आर्थिक भागीदारी भी मजबूत हो सकती है।

रूस के खिलाफ रक्षा क्षमता बढ़ाने की कोशिश

यूक्रेन लंबे समय से अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए पश्चिमी देशों से आधुनिक हथियारों की मांग करता रहा है। विशेष रूप से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, ऊर्जा संयंत्रों और सैन्य प्रतिष्ठानों को रूसी हमलों से सुरक्षित रखना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

पैट्रियट PAC-3 मिसाइलें इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, इनकी वास्तविक उपयोगिता उपलब्ध मिसाइलों की संख्या, तैनाती और परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर पड़ सकता है रणनीतिक प्रभाव

अमेरिका की इस मंजूरी को यूक्रेन के प्रति पश्चिमी देशों के निरंतर समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इससे युद्ध के दौरान यूक्रेन की रक्षात्मक क्षमता को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।

दूसरी ओर, रूस इस तरह की पश्चिमी सैन्य सहायता को अपने खिलाफ विदेशी समर्थन बढ़ाने के रूप में देखता रहा है। ऐसे में इस सौदे का व्यापक कूटनीतिक और रणनीतिक प्रभाव भी सामने आ सकता है।

आगे की प्रक्रिया पर टिकी नजरें

हालांकि अमेरिकी मंजूरी मिलने के बाद भी मिसाइलों की वास्तविक आपूर्ति, समयसीमा और तैनाती की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यूक्रेन को इन हथियारों का लाभ कब और किस स्तर तक मिलेगा, यह आगे की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

फिलहाल इस प्रस्तावित रक्षा सौदे को रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।