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बिहार में आज बारिश और वज्रपात का अलर्ट, कई जिलों में 30–40 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा


पटना: बिहार में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार, 7 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई है। खासतौर पर पटना, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद और रोहतास समेत दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है।

कई जिलों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रभावित इलाकों में बादल छाने के साथ मेघ गर्जन और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश भी होने की संभावना है। इसे देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा

बारिश के साथ तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हवा की गति करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

पटना समेत इन इलाकों पर नजर

आज के पूर्वानुमान में पटना, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद और रोहतास प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की बारिश, गरज और बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

9 अक्टूबर तक जारी रह सकती है मौसम की गतिविधि

मौसम विभाग के बिहार चेतावनी बुलेटिन के अनुसार 7, 8 और 9 अक्टूबर को राज्य में गरज-चमक और वज्रपात से जुड़ी गतिविधियों की संभावना है। इसके बाद 10 अक्टूबर से अगले कुछ दिनों के लिए राज्य स्तर पर कोई चेतावनी दर्ज नहीं की गई है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

वज्रपात के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित भवन के अंदर रहना बेहतर है। तेज हवा के दौरान कमजोर संरचनाओं, होर्डिंग और पेड़ों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

किसानों और वाहन चालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत

अचानक बारिश और तेज हवा का असर खेतों में काम कर रहे लोगों तथा सड़क पर सफर करने वालों पर पड़ सकता है। किसानों को मौसम का अपडेट देखकर ही खुले में काम करने का निर्णय लेना चाहिए। वहीं, वाहन चालकों को बारिश या आंधी के दौरान गति नियंत्रित रखने और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम में बदलाव क्यों?

अक्टूबर में मानसून की वापसी के बावजूद वातावरण में मौजूद नमी और बदलती मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बादल, गरज और बारिश की गतिविधियां बन सकती हैं। इसी वजह से बिहार के कुछ जिलों में मौसम सामान्य से अलग नजर आ रहा है।

निष्कर्ष:
बिहार में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। आज कई जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में भी गरज-चमक वाली गतिविधियां जारी रह सकती हैं।