पटना, 20 अप्रैल। बिहार की राजधानी पटना के कारगिल चौक पर ‘महिला आरक्षण विधेयक’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्षी दलों पर हमला बोला।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जहां कुछ राजनीतिक दल अपने परिवार के सदस्यों को आगे बढ़ाने में लगे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मंच से सख्त संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी ने महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, तो उसे “पाताल से भी खोज निकालेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल परिवारवाद की राजनीति करते हैं, जबकि प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
सम्राट चौधरी ने दावा किया कि यदि महिला आरक्षण विधेयक लागू हो जाता, तो बिहार में 122 महिलाएं विधायक होतीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर भी निशाना साधा। साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार को बिहार का अभिभावक बताया।
इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में गिरने के बाद विपक्ष का जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ज्योति मांझी ने गीत प्रस्तुत कर महिला आरक्षण का समर्थन किया और उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया।
इस अवसर पर राज्य की पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, राज्यसभा सदस्य धर्मशीला गुप्ता, विधायक बेबी कुमारी, गायत्री देवी, छोटी कुमारी, निशा सिंह और कविता पासवान सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
पटना में भाजपा का महिला आक्रोश सम्मेलन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा





