देवघर: "स्कूल बंद, तो बच्चे भी नहीं जाएंगे दूसरे स्कूल", चंदना के अभिभावकों का फैसला.
देवघर: "स्कूल बंद, तो बच्चे भी नहीं जाएंगे दूसरे स्कूल", चंदना के अभिभावकों का फैसला.
■ 05 जुलाई से 'सील' है विद्यालय, मुख्यमंत्री, सांसद, जिप अध्यक्ष और डीसी से लगाएंगे गुहार.
अमित कुमार
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : प्रशासनिक लापरवाही के कारण सिविल कोर्ट, देवघर के आदेश पर रविवार, 05 जुलाई से 'सील' किए गए *"राजकीयकृत मध्य विद्यालय, चंदना"* को लेकर पूरे गांव में मायूसी है। लेकिन अभिभावकों ने साफ कह दिया है कि वे अपने बच्चों को दूसरे स्कूल नहीं भेजेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार 07 जुलाई को गांव में हुई बैठक में ग्रामीणों, अभिभावकों और बच्चों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि जब तक स्कूल नहीं खुलेगा, बच्चे घर पर ही रहेंगे।
बैठक में मौजूद एक अभिभावक की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा, "हम गरीब हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं करेंगे। यह स्कूल हमारे पुरखों की देन है। इसे बंद नहीं होने देंगे।"
ज्ञात हो कि, सोमवार, 06 जुलाई को बारिश में भीगते हुए गुलाबी और नीली यूनिफॉर्म वाले बच्चे सड़क पर खड़े होकर स्कूल बचाने की मांग कर रहे थे। किसी के हाथ में तख़्ती थी तो कोई आंसू पोंछ रहा था। तस्वीरों में दिख रहा डर और हताशा बता रही थी कि उनके लिए स्कूल का बंद होना कितना बड़ा झटका है।
बैठक में ग्रामीणों ने तय किया है कि अब वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सांसद निशिकांत दुबे, देवघर जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी और उपायुक्त सौरभ भुवानियां से मिलकर स्कूल को फिर से शुरू कराने की गुहार लगाएंगे। साथ ही अन्य कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है ताकि कोर्ट के आदेश के खिलाफ रास्ता निकाला जा सके।
उल्लेखनीय है कि, देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय, चंदना को कोर्ट के आदेश पर 05 जुलाई से सील कर दिया गया है। इसके बाद से यहां पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई ठप है। अभिभावकों का कहना है कि आसपास कोई दूसरा सरकारी स्कूल नहीं है। ऐसे में बच्चों को 02 से 03 किलोमीटर दूर भेजना संभव नहीं है।
गांव की एक महिला ने अपने आंसू पोंछते हुए कहा कि, "बेटी रोज पूछती है - मां स्कूल कब खुलेगा? हमारे पास क्या जवाब है। सरकार से बस इतनी विनती है कि हमारे बच्चों का स्कूल वापस कर दो।"
*जिप अध्यक्ष किरण कुमारी ने कहा:-*
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मामला संज्ञान में है, फिलहाल देवघर से बाहर हूं, 2-3 दिनों में वापस देवघर लौटने पर डीसी व अन्य वरीय अधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करूंगी।




