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JSSC से JPSC तक विवादों की लंबी फेहरिस्त, सरकार की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न


झारखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विवाद लगातार गहराते रहे हैं। राज्य में JSSC, JPSC, JAC, CGL सहित कई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है। इन घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

विभिन्न छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण योग्य उम्मीदवारों का विश्वास कमजोर हुआ है। कई मामलों में जांच एजेंसियों ने दस्तावेजों की जांच, पूछताछ तथा संबंधित कार्यालयों में छापेमारी जैसी कार्रवाई भी की है।

हाल ही में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने भी चल रही जांच के बीच नौ प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया। आयोग ने इसे "अपरिहार्य कारणों" से लिया गया निर्णय बताया है।

शिक्षा एवं भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन मामलों में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

वहीं, राज्य सरकार और संबंधित संस्थाओं का कहना है कि जिन मामलों में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनमें जांच प्रक्रिया चल रही है और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।