गरीब बच्चों को शिक्षा की राह दिखाने वाले शिक्षक सुफी अहमद नहीं रहे, हैदरनगर में शोक की लहर
हैदरनगर (पलामू):
हैदरनगर प्रखंड के भाई बिगहा निवासी एवं शिक्षा जगत की चर्चित हस्ती सुफी अहमद (50) का शनिवार सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। सुबह करीब छह बजे अचानक सीने में तेज दर्द उठने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए जपला अनुमंडलीय अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर फैलते ही भाई बिगहा समेत पूरे हैदरनगर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए दिनभर उनके आवास पर लोगों का तांता लगा रहा। शनिवार दोपहर दो बजे भाई बिगहा स्थित कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। सुफी अहमद अपने पीछे प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पत्नी शब्बा अहमद, एक पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। उनके बेटे और एक बेटी का महज पांच दिन पहले ही डालटनगंज स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन हुआ था। बच्चों की पढ़ाई और उनके सुनहरे भविष्य को लेकर उन्होंने कई सपने संजोए थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुफी अहमद शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखते थे। वे कई वर्षों तक हैदरनगर हाईस्कूल में मानदेय शिक्षक के रूप में कार्यरत रहे। इसके बाद भी उन्होंने शिक्षा का कार्य नहीं छोड़ा। पिछले लगभग 30 वर्षों से बेहद मामूली शुल्क पर कोचिंग चलाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाते रहे। उनका मानना था कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और गरीबी किसी की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए।उनकी मेहनत और मार्गदर्शन से हजारों छात्र-छात्राओं ने शिक्षा हासिल कर बेहतर मुकाम बनाया। उनके कई विद्यार्थी आज इंजीनियर, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी और अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरल स्वभाव, अनुशासन और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के कारण वे पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे। इनके निधन की सूचना मिलते ही शिक्षक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, उनके पूर्व छात्र और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके आवास पहुंचे। सभी ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र का समर्पित शिक्षक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सुफी अहमद का जीवन समाज के लिए प्रेरणा था। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा के माध्यम से गरीब बच्चों का भविष्य संवारने में लगा दिया। उनका जाना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है। शोक व्यक्त करने वालो में पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह, विधायक संजय कुमार सिंह यादव, मुखिया संतोष कुमार सिंह, प्रेमतोश सिंह, संसद प्रतिनिधि डॉ अजय जायसवाल, सज्जू खान, असरफ हसन, विवेकानंद सिंह, पवन जायसवाल, अनूप सिंह, सेवानिवृत शिक्षक रामाशीष सिंह, एमएम खान उर्फ गुड्डू, राजी अहमद उर्फ राजू, नवाजिश खान, पूर्व मुखिया कमलेश सिंह, प्लस टू उच्च विद्यालय के प्राचार्य बैजनाथ राम व सभी शिक्षक गण, रहमानिया प्लस टू उवि के प्राचार्य मनोज कुमार व सभी शिक्षक गण शामिल हैं।




