देवघर के लाल जस्टिस अपरेश कुमार सिंह सुप्रीम कोर्ट के बनेंगे जज, जिले में हर्ष
देवघर के लाल जस्टिस अपरेश कुमार सिंह सुप्रीम कोर्ट के बनेंगे जज, जिले में हर्ष
• सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की अनुशंसा
अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : देवघर जिले के लिए गर्व का क्षण है। जिले के करौं प्रखंड के चांदचौरा गांव के मूल निवासी न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजी है।
28 सितंबर 2026 को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कॉलेजियम द्वारा जारी स्टेटमेंट के अनुसार तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में पदोन्नत करने की अनुशंसा की गई है, जिसमें तीसरे नाम के रूप में तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं। अन्य दो नाम गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय के हैं।
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की प्रारंभिक शिक्षा संत फ्रांसिस स्कूल, देवघर से हुई है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1990 में उन्होंने वकालत की शुरुआत की और अपनी मेहनत व कानूनी समझ से एक अलग पहचान बनाई।
उल्लेखनीय है कि, वर्ष 2012 में वे झारखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए। इसके बाद अप्रैल 2023 में उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया और जुलाई 2025 से वे तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उनकी इस उपलब्धि से संपूर्ण देवघर जिले में हर्ष और गर्व का माहौल है। करौं प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव चांदचौरा में भी खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवघर के एक सपूत का सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचना पूरे झारखंड के लिए गौरव की बात है। अधिवक्ता संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी इस अनुशंसा पर खुशी जताई है।




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