BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

देवघर एम्स की बड़ी उपलब्धि; पहली बार बैलून माइट्रल वाल्वोटॉमी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न


देवघर 'एम्स' की बड़ी उपलब्धि; पहली बार 'बैलून माइट्रल वाल्वोटॉमी प्रक्रिया' सफलतापूर्वक संपन्न 

• 02 मरीजों का किया सफल इलाज 


अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

देवघर : देवघर 'एम्स' के कार्डियोलॉजी विभाग ने चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विभाग में पहली बार बैलून माइट्रल वाल्वोटॉमी (BMV) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्रक्रिया के तहत 22 और 33 वर्ष के दो मरीजों का सफल इलाज किया गया, जो गंभीर माइट्रल स्टेनोसिस और मॉडरेट पल्मोनरी हाइपरटेंशन से पीड़ित थे।

माइट्रल स्टेनोसिस में माइट्रल वाल्व के सिकुड़ जाने से हृदय में रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे मरीज को सांस लेने में तकलीफ और अन्य समस्याएं होती हैं। BMV एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें बिना किसी बड़े चीरे के जांघ की नस और धमनी के रास्ते कैथेटर के माध्यम से विशेष बैलून द्वारा सिकुड़े हुए वाल्व को खोला जाता है।

देवघर 'एम्स' प्रबंधन के अनुसार दोनों प्रक्रियाएं बिना किसी जटिलता के सफल रहीं। प्रक्रिया के बाद दोनों मरीजों के माइट्रल वाल्व एरिया में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और उनके लक्षणों में तत्काल सुधार देखा गया।

यह सफल प्रक्रिया डॉ. सीबी पांडे और डॉ. स्मारक के नेतृत्व में कार्डियोलॉजी टीम ने की। इस उपलब्धि के लिए टीम ने एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक के निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के लिए आभार जताया।

देवघर 'एम्स' में BMV सेवा की शुरुआत संस्थान में एडवांस्ड इंटरवेंशनल कार्डियक सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब माइट्रल स्टेनोसिस के मरीजों को इस अत्याधुनिक इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, अब यह सुविधा देवघर 'एम्स' में ही उपलब्ध होगी।