देवघर कचहरी में पार्किंग को लेकर हंगामा, अधिवक्ता और ठेकेदार आमने-सामने, ड्रॉप गेट लगाने का किया विरोध
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
देवघर : कचहरी परिसर में पार्किंग व्यवस्था को लेकर शनिवार को अधिवक्ताओं और पार्किंग ठेकेदार के बीच तीखी बहस और हंगामा हो गया।
देवघर जिला अधिवक्ता संघ के सचिव कृष्णधन खवाड़े सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सुबोध राय ने कचहरी के दोनों दरवाजों पर लगाए गए ड्रॉप गेट का विरोध जताया।
देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार के आदेश पर 01 अगस्त से कचहरी परिसर में पार्किंग शुरू की गई है। इसके तहत पुराना नगर निगम ऑफिस के बगल और सदर एसडीपीओ ऑफिस के पास बने दोनों प्रवेश द्वारों पर ड्रॉप गेट लगाकर वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है।
दर: दो पहिया - 10 रुपये, तीन पहिया - 20 रुपये, चार पहिया - 40 रुपये।
ठेकेदार पवन कुमार का कहना है कि यह शुल्क केवल "बाहरी पब्लिक" और अनावश्यक रूप से गाड़ी पार्क करने वालों से लिया जा रहा है। वकीलों और सरकारी कर्मियों से शुल्क नहीं लिया जा रहा।
अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्हें पार्किंग से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन परिसर के गेट पर ड्रॉप गेट लगाकर वसूली का विरोध है।जिला अधिवक्ता संघ के सचिव कृष्णधन खवाड़े ने कहा कि "वकीलों का काम कचहरी में होता है। गेट पर रोक कर शुल्क लेना गलत है। इस मामले में एसडीओ से बात की जाएगी।"
सामाजिक कार्यकर्ता सुबोध राय ने कहा, "पार्किंग का विरोध नहीं है, लेकिन पार्किंग की आड़ में वसूली का विरोध है।"
ठेकेदार पवन कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि ड्रॉप गेट लगाने का उद्देश्य परिसर में अनावश्यक भीड़ और जाम रोकना है। "जो कोर्ट में काम से आ रहे हैं उनसे पैसा नहीं लिया जा रहा। जो बाहर मार्केटिंग के लिए गाड़ी लगा रहे हैं, उनसे ही शुल्क लिया जा रहा है।"
ड्रॉप गेट के पास अधिवक्ताओं और ठेकेदार के समर्थकों के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। मौके पर भीड़ जमा हो गई। फिलहाल मामला शांत है, लेकिन अधिवक्ता संघ ने इस मुद्दे को एसडीओ के समक्ष उठाने की बात कही है।
प्रशासन का कहना है कि कचहरी परिसर में अवैध पार्किंग और जाम की समस्या को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।




