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उसरी फॉल को बर्बाद नहीं होने देंगे, जरूरत पड़ी तो होगा जनआंदोलन : राजेश सिन्हा


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

गिरिडीह: भाकपा (माले) नेता राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया है कि बालमुकुंद फैक्ट्री प्रबंधन उसरी नदी का पानी करीब दो किलोमीटर दूर स्थित अपने संयंत्र तक ले जाने के लिए नदी और सड़क किनारे पाइपलाइन बिछाने का कार्य दोबारा शुरू कर चुका है। उन्होंने कहा कि इससे उसरी फॉल और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा राजेश सिन्हा ने बताया कि करीब दो महीने पहले भी फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा पाइपलाइन बिछाने का प्रयास किया गया था। उस समय भाकपा (माले), पर्यावरण प्रेमियों, स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद काम रुक गया था। उनका दावा है कि उस दौरान पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने भी लिखित रूप से बताया था कि इस तरह की पाइपलाइन बिछाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है उन्होंने कहा कि इस विरोध में कन्हाई पांडेय, मसूदन कोल, किशोर राय, नवीन पांडेय सहित कई ग्रामीण तथा जनप्रतिनिधि शुभंकर, विजय, विकास राय और गंगापुर के ग्रामीण भी शामिल हुए थेnमाले नेता का आरोप है कि अब बिना पथ निर्माण विभाग और प्रशासन को सूचित किए फिर से पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कार्य किसी राजनीतिक संरक्षण में किया जा रहा है तो उसके खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराया जाएगा राजेश सिन्हा ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार तथा पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता राम विलास सिंह को फोन पर दी है। उनके अनुसार अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेकर जांच का आश्वासन दिया है उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन उसरी फॉल से लगभग आधा किलोमीटर पहले नदी से पानी खींचकर फैक्ट्री तक ले जाने की योजना बना रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि पाइपलाइन बिछाई गई है तो प्रशासन तत्काल उसे हटाए। अन्यथा वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा राजेश सिन्हा ने पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों से भी उसरी नदी एवं उसरी फॉल के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से प्राकृतिक संसाधनों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, जिसे गिरिडीह की जनता स्वीकार नहीं करेगी।