नई
दिल्ली वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच चालू वित्त
वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में देश की सकल घरेल उत्पाद
(जीडीपी) ग्रोथ 8.1 फीसदी के करीब रह सकती है।
स्टेट बैंक ऑफ
इंडिया (एसबीआई) ने मंगलवार को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष
2026-27 की तीसरी तिमाही में देश की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 8.1 फीसदी के
करीब रहने का अनुमान जताया है। सरकार ने बेस ईयर 2011-12 से बदलकर 2022-23
कर दिया है, जिसके तहत जीडीपी के नए आंकड़े शुक्रवार, 27 फरवरी को जारी
होंगे।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय नए बेस ईयर
2022-23 के आधार पर जीडीपी के आंकड़े जारी करेगा। नया बेस ईयर डिजिटल
कॉमर्स और सर्विस सेक्टर के बढ़ते प्रभाव को बेहतर ढंग से दर्शाएगा।
मंत्रालय की ओर से जीडीपी के पहली अग्रिम अनुमान रिपोर्ट के मुताबिक वित्त
वर्ष 2026-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान
है।
रेटिंग एजेंसी मूडीज एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट यह संकेत देती
है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 15 फीसदी
एकमुश्त टैरिफ से ग्लोबल ट्रेड और विशेष रूप से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के
व्यापारिक समीकरणों में बड़े बदलाव आ सकते हैं। अमेरिकी व्यापार नीतियों
में हो रहे बड़े बदलावों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था अपने मजबूत घरेलू आधार
के दम पर मजबूती से खड़ी है।
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 8.1 फीसदी रह सकती है जीडीपी ग्रोथ: एसबीआई रिपोर्ट




