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HCLTech का लखनऊ IT City विस्तार प्लान, ₹500 करोड़ निवेश से बढ़ेगी टेक्नोलॉजी क्षमता


लखनऊ: देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल HCLTech ने उत्तर प्रदेश में अपने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने लखनऊ स्थित HCL IT City के विस्तार के लिए करीब ₹500 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। प्रस्तावित विस्तार से करीब 9.5 लाख वर्गफुट अतिरिक्त क्षमता विकसित होगी, जिसमें लगभग 4,500 टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए जगह तैयार की जा सकेगी।

20 एकड़ में होगा विस्तार

HCL IT City के दूसरे चरण का विस्तार करीब 20 एकड़ क्षेत्र में किए जाने की योजना है। प्रस्तावित परियोजना में नया आईटी भवन, पार्किंग और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक नए आईटी भवन में करीब 5,000 सीटों की क्षमता हो सकती है। कंपनी का मानना है कि इस विस्तार से लखनऊ की टेक्नोलॉजी और Global Capability Centre यानी GCC हब के रूप में स्थिति और मजबूत होगी।

लखनऊ में HCLTech की मौजूदगी होगी और मजबूत

HCLTech ने लखनऊ में अपनी गतिविधियां वर्ष 2016 में शुरू की थीं। कंपनी के मुताबिक एक दशक में HCL IT City उसके प्रमुख ग्लोबल डिलीवरी सेंटरों में विकसित हो चुका है। फिलहाल इस कैंपस में 12,500 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं और यहां से 150 से अधिक वैश्विक कंपनियों को सेवाएं दी जा रही हैं।

नए विस्तार के बाद कंपनी के लिए लखनऊ से टेक्नोलॉजी सेवाओं का दायरा बढ़ाने और भविष्य की वैश्विक मांग को पूरा करने की क्षमता और बढ़ सकती है।

AI और नई तकनीकों पर भी जोर

HCLTech का यह विस्तार केवल ऑफिस स्पेस बढ़ाने तक सीमित नहीं है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उससे जुड़ी तकनीकों में 1,000 छात्रों को प्रशिक्षित करने की योजना भी घोषित की है। यह प्रशिक्षण FY27 के दौरान LITMUS कार्यक्रम के तहत दिया जाएगा।

इसके अलावा HCL Group ने HCL IT City में HCL-GUVI Emerging Technology Centre शुरू किया है। इसका उद्देश्य छात्रों और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को AI, डेटा एनालिटिक्स और दूसरी उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद

कंपनी के अनुसार नए विस्तार से सीधे तौर पर करीब 4,500 टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को बैठने की क्षमता मिलेगी। वहीं, पूरे विस्तार से जुड़े प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। कंपनी ने परियोजना के संदर्भ में करीब 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना भी बताई है।

इसका असर केवल HCLTech की भर्ती पर नहीं, बल्कि लखनऊ के आसपास के आईटी सर्विस, हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट, परिवहन और अन्य सहायक क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।

स्थानीय युवाओं को टेक सेक्टर से जोड़ने की कोशिश

HCLTech के मुताबिक उत्तर प्रदेश से स्थानीय प्रतिभाओं को कंपनी के साथ जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। कंपनी का TechBee कार्यक्रम राज्य के 2,200 से ज्यादा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित और रोजगार से जोड़ चुका है। इसके अलावा HCLTech के उत्तर प्रदेश में 40 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ साझेदारी होने की जानकारी भी कंपनी ने दी है।

इससे कंपनी और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा छात्रों के लिए टेक्नोलॉजी क्षेत्र में करियर के रास्ते तैयार करने की कोशिश को बल मिलता है।

उत्तर प्रदेश के IT सेक्टर के लिए क्यों अहम?

लखनऊ में HCL IT City का विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को पारंपरिक IT सेवाओं से आगे बढ़ाकर AI, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, डीप-टेक और दूसरी उभरती तकनीकों का केंद्र बनाने पर जोर दे रही है। लखनऊ को इस टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका देने की कोशिश की जा रही है।

HCLTech का नया निवेश इस दिशा में निजी क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत कर सकता है और लखनऊ को देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी हब में स्थापित करने की कोशिशों को गति दे सकता है।

HCLTech के लिए रणनीतिक महत्व

आईटी सेवाओं की वैश्विक मांग तेजी से AI, क्लाउड, डेटा और डिजिटल इंजीनियरिंग जैसी तकनीकों की ओर बढ़ रही है। ऐसे में बड़े टेक्नोलॉजी डिलीवरी सेंटरों की क्षमता बढ़ाना कंपनियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

लखनऊ में अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर और AI स्किलिंग कार्यक्रम के जरिए HCLTech एक तरफ अपनी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ भविष्य के लिए स्थानीय टेक्नोलॉजी टैलेंट तैयार करने पर भी निवेश कर रही है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, ₹500 करोड़ का HCL IT City विस्तार प्लान लखनऊ और उत्तर प्रदेश के टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण घोषणा है। करीब 9.5 लाख वर्गफुट नई क्षमता, लगभग 4,500 टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए जगह, AI प्रशिक्षण और नई तकनीकी सुविधाओं के साथ यह परियोजना लखनऊ की IT और GCC अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा सकती है।