इसी तरह
ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड
एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 11.03 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24
में घट कर 7.34 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का
ईबीआईटीडीए 19.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की
पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 तक ये 12.83 करोड़ रुपये के स्तर
पर रहा।
स्टॉक मार्केट में केआरएम आयुर्वेद की शानदार एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई
दिल्ली: आयुर्वेदिक दवा का उत्पादन करने और देश के अलग
अलग हिस्से में आयुर्वेदिक हॉस्पिटल का संचालन करने वाली कंपनी केआरएम
आयुर्वेद के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत एंट्री करके अपने आईपीओ
निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 135 रुपये के भाव पर
जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 27.48
प्रतिशत प्रीमियम के साथ 172.10 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद हुई
लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ ही देर में उछल कर 180.70 रुपये के अपर
सर्किट लेवल तक पहुंच गया। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के
कारण अपर सर्किट ब्रेक हो गया। सुबह 11 बजे तक का कारोबार होने के बाद
कंपनी के शेयर 174.60 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक
के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 39.60 रुपये यानी
29.33 प्रतिशत का मुनाफा हो चुका है।
केआरएम आयुर्वेद का 77.49
करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 23 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था।
इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये
ओवरऑल 74.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल
बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 63.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में
135.37 गुना सब्सक्रिप्शन आया था।
इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व
पोर्शन 54.21 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस
वैल्यू वाले 57.40 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए
पैसे का इस्तेमाल कंपनी टेलीमेडिसिन ऑपरेशनल फैसिलिटी को डेवलप करने,
सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने, पुराने कर्ज को
कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट
उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो
कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग
प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में
उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 7.60 लाख करोड़
रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 3.41
करोड़ रुपये रह गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी मुनाफे में
दोबार तेजी आ गई। इस साल कंपनी को 12.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक
कंपनी को 8.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है। इस दौरान कंपनी
की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में
इसे 89.38 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट
कर 67.57 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 76.95 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल से 30
सितंबर 2025 तक कंपनी को 48.65 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस
अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23
के अंत में कंपनी पर 19.87 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष
2023-24 में बढ़ कर 23.18 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर
31.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी
अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का
बोझ 25.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के
रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 8.22
करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 11.63 करोड़ रुपये हो
गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 23.73 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से
सितंबर 2025 तक ये 20.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।






