लखनऊ: कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के मामले में आरोपितों की
धरपकड़ लगातार जारी है। इसी कड़ी में वाराणसी पुलिस ने फरार चल रहे आजमगढ़
निवासी विकास सिंह नरवे को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से गिरफ्तार
किया है। वाराणसी पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर आरोपित की गिरफ्तारी
की है।
कोडीन कफ सिरप मामले में फरार विकास सिंह नरवे सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार
वाराणसी पुलिस के मुताबिक, आरोपित विकास सिंह नरवे के खिलाफ
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी सहित कई जिलों में गंभीर
आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य
प्रतिबंधित दवाओं का अवैध कारोबार जैसे गंभीर आरोप हैं। इस मामले में
वांछित होने के बाद वह फरार चल रहा था और लगातार पुलिस से बचने के लिए
नए-नए ठिकाने बना रहा था।
पकड़ा गया विकास मुख्य आरोपित शुभम का करीबी है।
उसी ने शुभम की मुलाकात अन्य आराेपिताें अमित टाटा और आलोक सिंह से कराई
थी। विकास सिंह आजमगढ़ जिले के अपने गांव के नाम नरवे काे अपने टाइटल में
लगाता है। इस आरोपित की गिरफ्तारी से पहले कोडीन युक्त कफ सिरप
मामले में 12 मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक विनोद अग्रवाल को क्राइम ब्रांच
व कानपुर के कलक्टरगंज पुलिस दो दिन पहले रविवार को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस ने उसे हरियाणा के जिले के महेंद्रगढ़ से गिरफ्तार किया था।
इस
आरोपित पर 50 हजार का इनाम घोषित था। उल्लेखनीय कानपुर के फीलखाना
थाना क्षेत्र के पटकापुर निवासी विनोद अग्रवाल मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स का
मुख्य संचालक है और पुलिस को जांच में पता चला कि उसने 60 से ज्यादा फर्जी
फर्म बनाकर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान समेत कई
राज्यों में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने का आरोप है।





