मांस कारोबार के लिए अब एनओसी अनिवार्य, तय जगह पर ही कट सकेंगे पशु
• सरकार ने नया विनियम किया अधिसूचित
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : देवघर समेत संथाल परगना प्रमंडल अंतर्गत सभी नगरपालिका क्षेत्र में मांस और मांस उत्पादों की बिक्री मनमाने तरीके से नहीं हो सकेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए सख़्त नियम लागू कर दिए हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग ने झारखंड नगरपालिका विनियम, 2026 को 8 सितंबर 2026 को अधिसूचित कर दिया है। नए नियम के तहत मांस की दुकान खोलने, उसके प्रसंस्करण, भंडारण या बिक्री से पहले स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा।
नए प्रावधान के अनुसार FSSAI लाइसेंस मिलने से पहले नगर निकाय की एन.ओ.सी लेनी होगी। नगर निगम में नगर आयुक्त और नगर परिषद व नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी NOC जारी करने के लिए अधिकृत होंगे। एन.ओ.सी से पहले अधिकृत निरीक्षण टीम दुकान या बूचड़खाने की जगह का निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट के आधार पर ही सिफारिश की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय प्राधिकारी ही पशुओं को काटने के लिए स्थान निर्धारित करेगा। यह स्थान मांस बाजार से जुड़ा होगा और सब्जी, मछली या अन्य खाद्य बाजारों से दूर रखा जाएगा। परिसर साफ-सुथरा, ऊंचाई पर और दुर्गंध, धुएं व धूल से मुक्त होना चाहिए। एक बार स्थल तय होने के बाद कहीं और पशुओं की कटाई नहीं की जा सकेगी। मांस दुकानों की लोकेशन भी नगर निकाय ही तय करेगा।
विनियम में कहा गया है कि झारखंड गोवंशीय पशु वध प्रतिषेध अधिनियम-2005 के तहत गोवंश के वध पर लगा प्रतिबंध यथावत लागू रहेगा। नगरपालिका की एनओसी को इस प्रतिबंध से अलग नहीं समझा जाएगा।
एन.ओ.सी के लिए 100 रुपये प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। आवेदन के साथ जमीन का स्वामित्व प्रमाण, बिक्री या लीज डीड, दाखिल-खारिज, होल्डिंग रसीद, किरायेदार होने पर किराया एग्रीमेंट, आधार कार्ड, होल्डिंग टैक्स रसीद, कचरा प्रबंधन शुल्क की रसीद और दो पासपोर्ट फोटो देना होगा। साथ ही दुकान या बूचड़खाने का ब्लूप्रिंट और ठोस कचरा प्रबंधन योजना भी जमा करनी होगी।
एन.ओ.सी लाइसेंस की वैधता तक मान्य रहेगी और नवीनीकरण के समय फिर से निरीक्षण के बाद नई एन.ओ.सी जारी होगी।


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