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सहयोग और रोटरी क्लब ने प्रेमचंद जयंती पर नाट्य प्रतियोगिता का किया भव्य आयोजन


​जमशेदपुर . 25 जुलाई, 2026
​बहुभाषीय साहित्यिक संस्था ‘सहयोग’ एवं रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर एक विशेष नाट्य मंचन प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में जमशेदपुर शहर के 15 प्रतिष्ठित विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रेमचंद की सुप्रसिद्ध कहानियों को नाटक के रूप में मंच पर जीवंत कर दिया.
​कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रेमचंद के साहित्य, उनके मानवीय मूल्यों और सामाजिक चेतना से जोड़ना तथा विद्यार्थियों में कलात्मक व रचनात्मक अभिरुचि विकसित करना था.

​दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

​कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलित कर किया गया. डॉ. भारती कुमारी ने अपनी मधुर आवाज में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. इसके बाद डॉ. संध्या सिन्हा ने उपस्थित अतिथियों और साहित्यशास्त्रियों का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण दिया.



​मंच पर जीवंत हुईं प्रेमचंद की कालजयी कृतियाँ



​प्रतियोगिता के दौरान शहर के 15 स्कूलों के नन्हें कलाकारों ने प्रेमचंद की कहानियों के माध्यम से ग्रामीण जीवन, सामाजिक विषमता, दलित शोषण, स्त्री मन की व्यथा और पारिवारिक मूल्यों को बखूबी दर्शाया.


​आर.एम.एस. हाई स्कूल (बालीचेला): बहुचर्चित कहानी “सवा सेर गेहूं” का मंचन किया.


​काशीडीह हाई स्कूल: न्याय और धर्म पर आधारित “पंच परमेश्वर” की प्रस्तुति दी.


​के.पी.एस. कदमा व जुस्को स्कूल (कदमा): बाल मनोविज्ञान पर आधारित “ईदगाह” का भावुक मंचन किया.


​के.पी.एस. मानगो: सामाजिक यथार्थ पर आधारित “कफ़न” का अभिनय किया.


​के.पी.एस. गम्हरिया: सामाजिक विषमता को दर्शाती कहानी “दूध का दाम” प्रस्तुत किया.


​गुलमोहर हाई स्कूल: भ्रातृ-प्रेम और पारिवारिक तालमेल पर आधारित “बड़े भाई साहब” का मंचन किया.


​डी.बी.एम.एस. कदमा: सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करती “ठाकुर का कुआं” कहानी प्रस्तुत की.


​बारीडीह हाई स्कूल: दलित शोषण व अमानवीयता पर आधारित “सद्गति” नाटक का मंचन किया.


​मोतीलाल पब्लिक स्कूल: कर्तव्यनिष्ठा पर आधारित “नमक का दारोगा” कहानी दिखाई.


​लोयोला स्कूल (टेल्को): वृद्ध मन की वेदना को दर्शाती “बूढ़ी काकी” का मंचन किया.


​वैली व्यू स्कूल: परोपकार और इंसानियत का संदेश देती “मंत्र” कहानी प्रस्तुत की.


​विकास विद्यालय (मानगो): संयुक्त परिवार के महत्व को दर्शाती “बड़े घर की बेटी” का अभिनय किया.


​डी.वी.एम.एस. (बी.एच. एरिया): मातृ-प्रेम को समर्पित “माँ” कहानी प्रस्तुत की.

​डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल (बिस्टुपुर): नारी जीवन की बहुआयामी समस्याओं पर केंद्रित “निर्मला” उपन्यास का प्रभावशाली मंचन किया.


​"सौ वर्षों बाद भी प्रभावी है प्रेमचंद की लेखनी": प्रमोद दुबे



​कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि रोटरी क्लब (पश्चिमी जमशेदपुर) के असिस्टेंट गवर्नर  प्रमोद दुबे, अध्यक्ष  गुरप्रीत कौर भाटिया एवं सचिव ऋषि चंद्रानी उपस्थित रहे. सभी अतिथियों का स्वागत पौधा, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर किया गया.


​"जिनकी लेखनी सौ वर्षों बाद भी उतनी ही प्रभावी है और जिनकी कहानियाँ आज भी प्रासंगिक हैं, यही प्रेमचंद का असली महात्म्य है. प्रेमचंद की कहानियाँ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आदर्श जीवन के मूल्य सिखाती हैं. 'पंच परमेश्वर' की यह पंक्ति—'बिगाड़ के डर से ईमान छोड़ दोगे क्या'—आज भी हमारे जीवन का मार्गदर्शन करती है."
— श्री प्रमोद दुबे (असिस्टेंट गवर्नर, रोटरी क्लब)



​निर्णायक मंडल और परिणाम:

 KPS गम्हरिया को प्रथम पुरस्कार


​प्रतियोगिता की निर्णायक समिति में श्री हरि मित्तल, अरुणा झा एवं कृष्णा सिन्हा शामिल थे. निर्णायक अरुणा झा ने बाल कलाकारों को अभिनय की बारीकियों, वेशभूषा के चयन, संवाद अदायगी और चेहरे के भावों को निखारने से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए.



​विजेताओं की सूची:


​प्रथम पुरस्कार: के.पी.एस. गम्हरिया (कहानी: 'दूध का दाम')
(यह पुरस्कार डॉ. संध्या सिन्हा ने अपनी माता स्वर्गीय शांति कुमारी की स्मृति में दिया).


​द्वितीय पुरस्कार: के.पी.एस. कदमा (कहानी: 'ईदगाह')
(यह पुरस्कार सुधा गोयल ने अपनी माता सरोजासनी देवी के नाम से दिया).


​तृतीय पुरस्कार: डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर (कहानी: 'निर्मला')


(यह पुरस्कार डॉ. सुनील नंदवानी ने अपनी माता संतोष नंदवानी की स्मृति में प्रायोजित किया).


​श्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार: विभा विकास


​सर्वश्रेष्ठ अभिनय का पुरस्कार:

 कहानी 'दूध का दाम' में 'भंगि' का पात्र निभाने वाली बाल कलाकार को दिया गया.

​मेडल और प्रमाण-पत्र देकर किया गया सम्मानित

​कार्यक्रम के समापन पर विजेता टीमों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया.
​मंच का सफल संचालन डॉ. अनिता शर्मा ने किया, जबकि रोटरी अध्यक्ष गुरप्रीत कौर भाटिया ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया. इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य साहित्यप्रेमी, शिक्षक, अभिभावक एवं रोटरी तथा 'सहयोग' संस्था के कई सदस्य उपस्थित रहे.