मेयर सुधा गुप्ता के प्रेस सलाहकार संजय ठाकुर ने बयान जारी करते हुए आरोपों पर पलटवार किया हैं उन्होंने प्रेस बयान में कहा है कि
आरोप पर जवाब
चोर की दाढ़ी में तिनका, जब खुद भ्रष्टाचार का आरोप का जाँच हो रहा तो कैसे संवेदक आरोप लगा सकता हैं?
जिस संवेदक ने मेयर सुधा गुप्ता पर झूठा आरोप लगाया हैं उसका कार्य फरवरी माह में हो चूका हैं, मेयर सुधा गुप्ता ने मार्च माह में पदभार संभाला, तकनीकी रूप से पिछले 31 मार्च 2026 तक संवेदक का बिल भुगतान हो जाना चाहिए जो नियम कहता हैं, उस समय "मैनेजर" कृष्णा कुमार ने किन कारणों से बिल रोका ये जाँच का बिषय हैं।
आज AI फोटो जनरेट कर झूठा और भ्रामक प्रचार कर मेयर सुधा गुप्ता को डराया नहीं जा सकता, ना हम डरेंगे, ना हम झुकेंगे, नगर निगम के पिछले 2 साल में हुए सभी भ्रष्टाचार का मामला उजागर होगा।
यदि संवेदक ने झूठ और गलत बयान के लिए माफी नहीं माँगा तो मानहानि का मुकदमा दायर किया जायेगा।
सबसे बड़ा सवाल हैं कि यदि किसी ने उनसे कमीशन माँगा हैं तो क्या इसकी लिखित शिकायत की गई हैं मेयर को? अपर नगर आयुक्त को या फिर उपायुक्त को?





