मैथन डैम के सोलर प्रोजेक्ट के विरोध में विस्थापितों का उग्र प्रदर्शन, काम कराया बंद.
अकबर अंसारी बोले– विस्थापितों की मांगें पूरी किए बिना डीवीसी को जमीन पर कब्जा नहीं करने देंगे।
रिपोर्ट:उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा/मैथन। मैथन डैम पर प्रस्तावित सोलर प्रोजेक्ट को लेकर विस्थापितों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखा। जामताड़ा जिले के आदिवासी-मूलवासी समाज के महिला-पुरुष विस्थापितों ने धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोगना गांव पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों के साथ लाठी, हसुआ और कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे विस्थापितों ने सोलर प्रोजेक्ट का काम बंद करा दिया। मौके पर मौजूद जेसीबी और कंटेनर को भी हटवा दिया गया।
विस्थापितों का कहना है कि मैथन डैम के निर्माण के दौरान जामताड़ा प्रखंड की 10 पंचायतों के लगभग 60 गांवों की जमीन डीवीसी ने अधिग्रहित की थी। इसके कारण करीब 20 हजार लोग विस्थापन की समस्या से प्रभावित हुए हैं। आरोप है कि वर्ष 1953 में जमीन लेकर लोगों को बेघर किया गया, लेकिन आज तक उचित मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई। विस्थापितों का कहना है कि करीब 73वर्षों से वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब उसी जमीन पर सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं।
*विस्थापित अध्यक्ष अकबर अंसारी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन के बल पर डीवीसी हमारी जमीन नहीं ले सकता। हमारी मांगें पूरी किए बिना सोलर प्रोजेक्ट का काम किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि डीवीसी विस्थापितों की जमीन पर वर्षों से लाभ कमा रहा है, जबकि प्रभावित परिवार आज भी मुआवजा, नौकरी, पुनर्वास, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि डैम के कारण विस्थापित हुए मछुआरों, नाव चालकों और आदिवासी-मूलवासी परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। उमेश ने कहा कि आदिवासी-मूलवासियों की जमीन पर डीवीसी का अस्तित्व है, इसलिए पहले विस्थापितों की मांगें पूरी की जाएं। वहीं, मुमताज अंसारी ने कहा कि जमीन हमारी और राज डीवीसी का, यह अब नहीं चलेगा। पहले विस्थापितों से वार्ता हो और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
प्रदर्शन में नुरूल हसन, काजल मंडल, दिनेश मंडल, काजोल मुर्मू, सरिता टुडू, सबिता सोरेन, सीता मुनि सहित बड़ी संख्या में विस्थापित मौजूद थे।






