वर्षों से उपेक्षित बाबा बीरकुंवर स्थल के बदले दिन, यादव समाज ने संभाली जीर्णोद्धार की कमान
चबूतरा निर्माण से लेकर प्रतिमा स्थापना तक की तैयारी, पूजा महोत्सव के आयोजन से बिश्रामपुर में पहली बार दिखी सामूहिक पहल
बिश्रामपुर (पलामू)। नगर परिषद क्षेत्र के ढाक बंगला स्थित बाबा बीरकुंवर स्थल वर्षों से उपेक्षा और बदहाली का शिकार रहा है। जर्जर अवस्था में पड़े इस ऐतिहासिक स्थल की सुध लेने के लिए अब यादव समाज के लोग एकजुट होकर आगे आए हैं। वर्ष 2026 में समाज के लोगों की लगातार हो रही बैठकों और सामूहिक प्रयासों ने इस उपेक्षित स्थल की तस्वीर बदलने की पहल शुरू कर दी है। यादव समाज के लोग न केवल स्थल की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण में जुटे हैं, बल्कि बाबा बीरकुंवर की प्रतिमा स्थापित करने और उनके लिए भव्य चबूतरा निर्माण का कार्य भी करा रहे हैं। वर्षों से बदहाल पड़े स्थल को व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।बिश्रामपुर के इतिहास में इसे एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। पहली बार समाज के लोगों ने सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए बाबा बीरकुंवर स्थल को जर्जर अवस्था से निकालकर उसके धार्मिक और सामाजिक महत्व को पुनर्स्थापित करने का बीड़ा उठाया है। इसी कड़ी में पूजा महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। समाज के लोगों की इस पहल से वर्षों से उपेक्षित बाबा बीरकुंवर स्थल को नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। यह प्रयास केवल चबूतरा और प्रतिमा निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक आस्था को सहेजने की सामूहिक कोशिश भी है।






