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काम पूरा करें या कार्रवाई झेलें पेयजल योजनाओं की समीक्षा में डीसी का सख्त संदेश, लापरवाह अभियंताओं-संवेदकों पर होगी कार्रवाई


पलामू: जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को एनआईसी सभागार से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों, अभियंताओं और संवेदकों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “अभियंताओं एवं संवेदकों के पास सिर्फ दो ही विकल्प हैं या तो ससमय कार्य पूरा करें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें, तीसरा कोई विकल्प नहीं।”

समीक्षा बैठक में सभी बीडीओ, सीओ, विभागीय अभियंता तथा मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) के तहत कार्य कर रहे संवेदक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। उपायुक्त ने कहा कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान कई योजनाओं की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। निमिया योजना से जुड़े संवेदक की बैठक में अनुपस्थिति पर शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। वहीं जल गुणवत्ता जांच में 10 प्रतिशत से कम प्रगति वाले प्रखंडों के संबंधित कनीय अभियंताओं पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मदगंज, मनातू, पांकी और पिपरा समेत कई प्रखंडों में जल स्रोतों की रासायनिक जांच बेहद धीमी पाई गई। मेदिनीनगर प्रमंडल में अब तक कुल ग्रामीण परिवारों के 53 प्रतिशत घरों तक फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) पहुंच चुका है। वहीं “हर घर जल” प्रमाणन के तहत 528 गांवों की रिपोर्टिंग हुई, जिनमें 254 गांव प्रमाणित हो चुके हैं।
समीक्षा में बताया गया कि छतरपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना में 98 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है और 8110 घरों तक कनेक्शन पहुंचाया गया है। जबकि कौड़िया योजना में 3709 एफएचटीसी उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
इसके अलावा चैनपुर, सोनपुरवा, पांशा-रामबांध, पोलपोल, लोइंगा एवं छतरपुर-नौडीहा बाजार-हरिहरगंज-पिपरा मल्टी विलेज योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित एनओसी मामलों के शीघ्र निष्पादन, पाइपलाइन बिछाने और विद्युत कनेक्शन से जुड़े कार्यों में समन्वय बनाकर योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
प्रशासन की इस सख्ती के बाद पेयजल योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।