सप्तमातर मंदिर में भव्य भक्ति जागरण: गूंजे माता के जयकारे, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
डाल्टनगंज (पलामू):
शास्त्री नगर स्थित ऐतिहासिक सप्तमातर मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ एक भव्य भक्ति जागरण का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। माता के भजनों, भक्ति गीतों और संगीतमय प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया, जिसमें हर वर्ग के लोग सराबोर नजर आए।
गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य और प्रतिष्ठित लोग विशेष रूप से शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से जेएलकेएम के प्रमंडलीय प्रवक्ता आशुतोष कुमार तिवारी, जुगल किशोर, प्रथम डिप्टी मेयर मंगल सिंह, पूर्व सैनिक बृजेश शुक्ला, समाजसेवी रोशन मिश्रा, जेएलकेएम उपाध्यक्ष पिंटू कुशवाहा, जितेंद्र गुप्ता, शुभम अग्रवाल, राज सुधाकर गुप्ता तथा सनातन धर्म सभा की ओर से अजीत तिवारी और दिलीप तिवारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने मां की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सुप्रसिद्ध कलाकारों के भजनों से मंत्रमुग्ध हुए लोग
भजन संध्या का मुख्य आकर्षण महानायक उमाशंकर मिश्रा एवं उनकी सुप्रसिद्ध म्यूजिकल टीम रही। मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से आए ख्याति प्राप्त गायकों और कलाकारों ने अपनी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। माता के जयकारों, कर्णप्रिय भक्ति गीतों और तालियों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति संगीत का आनंद लेते रहे और पूरा माहौल मां की आराधना के रंग में रंग गया।
आस्था और सद्भाव का अद्भुत संगम
इस अवसर पर अपने संबोधन में जेएलकेएम के प्रमंडलीय प्रवक्ता आशुतोष कुमार तिवारी ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में आस्था, एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने इस सफल और भव्य आयोजन के लिए आयोजकों और सभी सहयोगियों के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।
डाल्टनगंज के शास्त्री नगर में आयोजित इस भव्य जागरण में उमड़ी जनसैलाब जैसी भीड़ ने मां के प्रति लोगों की अटूट आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया। इस सफल आयोजन ने डाल्टनगंज की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा को एक नई ऊर्जा प्रदान की है, जहाँ पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, उल्लास और भक्तिभाव का एक अनूठा संगम देखने को मिला।






