फ्रीज है, पनशाला है, फिर भी पानी को तरस रहे लोग, एक चापाकल के भरोसे चल रहा प्रखंड कार्यालय
पलामू: जिले के भीषण गर्मी के बीच प्रखंड कार्यालय उंटारी रोड में पेयजल व्यवस्था की स्थिति सवालों के घेरे में है। हालात ऐसे हैं कि कार्यालय परिसर में आने वाले ग्रामीण, कर्मचारी और विभिन्न कार्यों से पहुंचने वाले लोग एकमात्र चापाकल के सहारे पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं। जबकि परिसर में फ्रीज और पनशाला जैसी सुविधाएं मौजूद बताई जा रही हैं, लेकिन उनका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में सरकारी कार्यालय में मूलभूत सुविधा की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो पेयजल की समुचित व्यवस्था अब तक क्यों सुनिश्चित नहीं हो सकी।
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) श्रवण कुमार भगत से पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "वेंडर को सूचना दी गई है, अब वह नहीं बना रहा है तो हम क्या करें।"
बीडीओ का यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है। क्योंकि प्रशासनिक व्यवस्था में अंतिम जवाबदेही कार्यालय और संबंधित विभाग की मानी जाती है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि वेंडर काम नहीं कर रहा, तो वैकल्पिक व्यवस्था या आगे की कार्रवाई क्या की गई?
पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा प्रभावित होने पर जिम्मेदारी तय करने और समाधान निकालने की अपेक्षा रहती है। ऐसे में "हम क्या करें" जैसे बयान को कई लोग प्रशासनिक असहायता तो कई लोग जवाबदेही से दूरी बनाने के रूप में देख रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि भीषण गर्मी में प्रखंड कार्यालय आने वाले लोगों को राहत पहले मिलेगी या पेयजल संकट की जिम्मेदारी वेंडर और व्यवस्था के बीच उलझी रहेगी।





