सरकार को बदनाम करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों की कोई जगह नहीं: राजेंद्र सिन्हा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपकर चैनपुर सीओ समेत पलामू के कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
पलामू। झारखंड मुक्ति मोर्चा के पलामू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा और उपाध्यक्ष सह केंद्रीय समिति सदस्य सन्नू सिद्दीकी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर चैनपुर के अंचल अधिकारी सत्यम कुमार समेत पलामू में पदस्थापित कुछ अन्य अधिकारियों के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने, गरीबों को परेशान करने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। जिलाध्यक्ष श्री सिन्हा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कुछ अधिकारियों की कार्यशैली के कारण आम जनता, विशेषकर गरीब, आदिवासी एवं मूलवासी परिवारों को सरकारी कार्यालयों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी जरूरतमंदों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों के कथित भ्रष्टाचार, गैर-जिम्मेदाराना रवैये और अफवाह फैलाने जैसी गतिविधियों से राज्य सरकार की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजेंद्र प्रसाद सिन्हा की बातों को गंभीरता एवं सकारात्मकता से सुना और भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने दो टूक कहा कि सरकार की छवि खराब करने वाले और जनता के अधिकारों पर कुंडली मारकर बैठे भ्रष्ट अधिकारियों के लिए झारखंड में कोई जगह नहीं है। सरकारी कुर्सी जनता की सेवा के लिए है, न कि गरीबों का शोषण करने और भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने के लिए। सत्ता जनता के विश्वास से चलती है और उस विश्वास को तोड़ने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों की मनमानी के कारण पूरी सरकार को बदनाम होने नहीं दिया जाएगा। जो अधिकारी खुद को कानून और सरकार से ऊपर समझते हैं, उन्हें यह गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए। गरीबों की फाइल रोककर वसूली करने, सरकारी योजनाओं में बाधा डालने और आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर कटवाने की संस्कृति अब नहीं चलेगी। अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारनी होगी, अन्यथा उनके खिलाफ सड़क से लेकर सरकार के दरवाजे तक निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। श्री सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है, जो आम आवाम, गरीबों, आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को परेशान करने तथा भ्रष्टाचार में लिप्त रहने वाले अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी ने आम जनता के साथ अन्याय किया, तो झामुमो का एक-एक सिपाही उनसे हिसाब मांगेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कुर्सी पर बैठकर जनता को परेशान करने वाले यह भूल जाएं कि उनकी मनमानी अब नहीं चलेगी। झारखंड में सरकार जनता की है और जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों का हिसाब हर हाल में होगा।






