भू-दाता माया देवी और असेश्वर सिंह की प्रतिमाओं का अनावरण, रामगढ़ महिला महाविद्यालय ने अपने इतिहास को दिया सम्मान
रामगढ़। रामगढ़ इंटर महिला महाविद्यालय में गुरुवार को कृतज्ञता, सम्मान और गौरव का विशेष अवसर देखने को मिला। महाविद्यालय की स्थापना में अहम योगदान देने वाले भू-दाता माया देवी एवं असेश्वर सिंह की प्रतिमाओं का भव्य अनावरण किया गया। मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, विशिष्ट अतिथि विधायक एवं महाविद्यालय की अध्यक्ष ममता देवी तथा संस्थापक सचिव अरुण कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर अतिथियों ने जीर्णोद्धार मंच का फीता काटकर उद्घाटन भी किया। समारोह में वक्ताओं ने भू-दाता परिवार के त्याग और योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके दिए गए भूमि दान ने महिला शिक्षा के लिए इस महत्वपूर्ण संस्थान की नींव रखी।
अतिथियों का हुआ स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में प्राचार्य डॉ कंचन माला ने स्वागत भाषण दिया। महाविद्यालय परिवार की ओर से मंचासीन अतिथियों का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। भू-दाता परिवार के मंजू देवी, अनमोल सिंह, विक्रम सिंह, कुणाल सिंह सहित अन्य सदस्यों को मंत्री योगेंद्र प्रसाद एवं विधायक ममता देवी ने अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
भू-दान से महाविद्यालय के इतिहास में अमर हुए माया देवी और असेश्वर सिंह
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि आज का दिन महाविद्यालय के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है। भू-दाता माया देवी और असेश्वर सिंह ने भूमि दान कर ऐसा पुनीत कार्य किया, जिससे उनका नाम हमेशा के लिए महाविद्यालय के इतिहास में दर्ज हो गया। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व केवल शिलापट्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के दिलों में भी जीवित रहेगा। दोनों दानवीरों की गौरवगाथा प्रशंसनीय और सराहनीय है। भू-दाता परिवार का स्वागत और सम्मान करना उनके लिए गर्व की बात है।
भू-दाता परिवार के त्याग पर खड़ा है महाविद्यालय : ममता देवी
विशिष्ट अतिथि विधायक ममता देवी ने कहा कि रामगढ़ इंटर महिला महाविद्यालय की बुनियाद ही भू-दाता परिवार के योगदान पर टिकी है। आज जिस विशाल इमारत और शैक्षणिक संस्थान को हम देख रहे हैं, उसका आधार भू-दाता परिवार का त्याग और दूरदर्शिता है। उनकी प्रतिमाओं का अनावरण करना उनके लिए अत्यंत खुशी और भावुकता का क्षण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वर्गलोक में विद्यमान भू-दाताओं का आशीर्वाद हमेशा महाविद्यालय परिवार पर बना रहेगा।
स्थापना से विकास तक की यात्रा पर डाला प्रकाश
महाविद्यालय के संस्थापक सचिव अरुण कुमार सिन्हा ने संस्थान की स्थापना से लेकर वर्तमान स्वरूप तक की विकास यात्रा को विस्तार से बताया। उन्होंने भू-दाता परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। शासी निकाय के सचिव इंजीनियर दीपक सिन्हा ने कहा कि महाविद्यालय की विकास योजनाओं के प्रथम चरण में भू-दाताओं की प्रतिमाओं का अनावरण और जीर्णोद्धार मंच का उद्घाटन संस्थान के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पुराने सहयोगियों को सम्मानित कर किया गया याद
समारोह में महाविद्यालय के सेवानिवृत्त पूर्व प्राचार्यों, पूर्व व्याख्याताओं और कर्मचारियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक शासी निकाय और प्रबंध समिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व सचिवों एवं सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में प्रो पूनम सिंह, प्रो प्रणीत कुमार, कृष्णा प्रसाद सोनी, शानो देवी, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, रविंद्र प्रसाद शर्मा, डॉ. संजय प्रभाकर, मोहन झा, राजेश कुमार, मनोज झा, अजय कुमार मिश्रा, डॉ. संज्ञा प्रसाद, डॉ. राधारमण साहू एवं जगदीश चंद्र माथुर सहित अन्य लोग शामिल थे।
शिक्षक-कर्मियों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
सीपी संत विमल भूटिया, पंकज तिवारी, सरदार अनमोल सिंह, विजय जायसवाल, खोगेंद्र साहू, नंदू प्रसाद गुप्ता, अमित सिन्हा, नवल शर्मा, संत कुमार सिंह, रामपदारथ सिंह, ओम प्रकाश सिंह, प्रसेनजीत सिंह, प्रभाष सिंह, शेखर सिंह, डॉ. शशिधर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। वहीं प्रो कांता मित्रा, प्रो राजेश प्रसाद, प्रो संयोगिता देवी, डॉ. श्वेता कश्यप, डॉ. समीमा प्रवीण, प्रो ललिता देवी, प्रो आरके सिन्हा, प्रो प्रीति झा, प्रो रश्मि सिन्हा, प्रो सौम्या सिन्हा सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे






