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लोकतंत्र के मंदिर में बच्चों की दस्तक : संत मरियम स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा विधानसभा का बजट सत्र


लोकतंत्र के मंदिर में बच्चों की दस्तक : संत मरियम स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा विधानसभा का बजट सत्र

शैक्षणिक भ्रमण से जागी नेतृत्व की नई सोच, जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया हौसला

मेदिनीनगर। संत मरियम स्कूल के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत झारखंड विधानसभा पहुंचकर लोकतंत्र के मंदिर को नजदीक से जाना और बजट सत्र की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। यह पहल विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव के उस दूरदर्शी विजन का हिस्सा है, जिसके माध्यम से बच्चों को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए जागरूक नागरिक बनाना उद्देश्य है।

विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विभागों के बजटीय प्रावधानों को समझा, जो उनके लिए एक अनोखा और ज्ञानवर्धक अनुभव साबित हुआ। इस दौरान, क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने भी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उन्हें लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया।

राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि देश को शिक्षित और जागरूक नेतृत्व की आवश्यकता है, इसलिए पढ़ाई के साथ नेतृत्व क्षमता का विकास भी जरूरी है, वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने भी बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी तथा पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। विशेष रूप से मुख्यमंत्री से बच्चों की मुलाकात कराने में मिथिलेश कुमार ठाकुर की भूमिका सराहनीय रही।

भ्रमण के बाद विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विधानसभा भवन की भव्य वास्तुकला, स्वच्छता व्यवस्था, झारखंडी संस्कृति की झलक और अनुशासन की सराहना की। कई छात्रों ने भविष्य में नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा जताई, जबकि छात्राओं ने कल्पना सोरेन से प्रेरित होकर आत्म-विश्वास और सशक्त नेतृत्व का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य एस. बी. साहा, शिक्षक प्रवीण दुबे, सुधांशु दुबे सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। अंत में, चेयरमैन अविनाश देव ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में विद्यार्थियों को संसद भवन का भी शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा।


यह भ्रमण न केवल शैक्षणिक, बल्कि अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ, जिसने विद्यार्थियों के भीतर लोकतंत्र, नेतृत्व और जिम्मेदारी के प्रति नई चेतना का संचार किया।