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दुर्गापूजा से पहले रांची में खाद्य पदार्थों पर सख्ती, ठेले से बड़े होटल तक होगी जांच


रांची: दुर्गापूजा के दौरान शहर में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा को लेकर निगरानी तेज करने का फैसला किया है। 7 अक्टूबर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच का विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सड़क किनारे लगने वाले ठेले-खोमचे, छोटी-बड़ी दुकानों, मिठाई प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट और बड़े होटलों तक खाद्य सामग्री के नमूने लिए जाएंगे।

त्योहार के मौसम में बढ़ जाती है खाद्य सामग्री की मांग

दुर्गापूजा के दौरान बाजारों में मिठाइयों, नमकीन, फास्ट फूड, पेय पदार्थों और दूसरे तैयार खाद्य उत्पादों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। पूजा पंडालों और बाजारों के आसपास बड़ी संख्या में अस्थायी खाद्य स्टॉल भी लगाए जाते हैं।

इसी वजह से विभाग का फोकस केवल स्थायी दुकानों तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया गया है। सड़क किनारे खाद्य पदार्थ बेचने वालों को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा।

गोलगप्पे और समोसे से लेकर होटल के खाने तक जांच

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के मुताबिक जांच का दायरा काफी व्यापक रहेगा। गोलगप्पे, समोसे और अन्य स्ट्रीट फूड से लेकर दुकानों और बड़े होटल-प्रतिष्ठानों में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे।

इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि खाद्य सामग्री तय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। विभाग ने अधिकारियों को किसी चुनिंदा खाद्य पदार्थ तक जांच सीमित नहीं रखने को कहा है।

नमूनों की जांच के बाद होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा टीमों की ओर से लिए गए नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए भेजा जाएगा। यदि किसी नमूने में मिलावट, दूषण या गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर कमी सामने आती है, तो संबंधित कारोबारी या प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि, किसी खाद्य प्रतिष्ठान पर कार्रवाई का अंतिम आधार जांच रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया होगी।

सिर्फ मिठाई पर नहीं रहेगा फोकस

त्योहारों से पहले आम तौर पर मिलावटी मिठाई और पनीर की जांच पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इस बार विभाग ने दायरा और व्यापक रखने का निर्देश दिया है।

यानी जांच टीमों की नजर तैयार भोजन, स्ट्रीट फूड और होटल-रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री पर भी रहेगी। इसका मकसद त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य विभाग ने जिलों के अधिकारियों को दिए निर्देश

खाद्य सुरक्षा अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जिलों के अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। बैठक में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच और गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

रांची में बढ़ेगी निगरानी

रांची में दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग पंडालों और बाजारों का रुख करते हैं। ऐसे में पूजा स्थलों के आसपास लगने वाले खाद्य स्टॉल भी प्रशासन की निगरानी में रह सकते हैं।

प्रशासन की कोशिश होगी कि भीड़ वाले इलाकों में खाद्य पदार्थों की बिक्री के दौरान स्वच्छता और गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन हो।

कारोबारियों के लिए भी जरूरी चेतावनी

खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है। दुकानदारों, रेस्टोरेंट संचालकों और होटल प्रबंधन को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित मानकों का ध्यान रखना होगा।

जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

त्योहार में लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत

प्रशासनिक जांच के साथ आम लोगों की सतर्कता भी महत्वपूर्ण है। उपभोक्ताओं को खुले में लंबे समय से रखे खाद्य पदार्थों, अस्वच्छ स्थानों पर तैयार किए जा रहे भोजन और संदिग्ध गुणवत्ता वाली सामग्री से बचने की सलाह दी जाती है।

खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए खाद्य स्वच्छता पर अतिरिक्त ध्यान देना जरूरी है।

जांच अभियान का उद्देश्य क्या है?

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े जोखिम को कम करना और बाजार में बिक रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर निगरानी रखना है। विभाग चाहता है कि जांच केवल शिकायत मिलने के बाद न हो, बल्कि नियमित और व्यापक तरीके से की जाए।

निष्कर्ष

दुर्गापूजा से पहले रांची में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर ली है। 7 अक्टूबर से शुरू होने वाले अभियान में ठेले-खोमचे से लेकर दुकानों, रेस्टोरेंट और बड़े होटलों तक खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे। जांच में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।