डीपीएस, राँची ने भव्य सम्मान समारोह में प्राइमरी विंग के 145 मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
मेहनत और लगन की डोर थामे
चले हैं ये नन्हें कदम
सितारों से आगे....!
दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेल टाउनशिप, राँची में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्राइमरी विंग के विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी विषयों में 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाने वाले कुल 145 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। नन्हे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की इस उपलब्धि ने विद्यालय के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी गौरवान्वित किया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार, आईएएस, झारखंड के सिविल डिफेंस कमिश्नर श्री रमेश घोलप, आईएएस तथा पलामू, झारखंड के डीआईजी श्री किशोर कौशल, आईपीएस की गरिमामय उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा बढ़ाई तथा विद्यार्थियों को उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मधुर स्वागत गीत से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्साह से भर दिया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया गया। दीप प्रज्वलन ज्ञान, बुद्धि और प्रकाश के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. जया चौहान ने सभी विशिष्ट अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उन्हें पौधा, शॉल, स्मृति-चिह्न एवं आकर्षक फ्रेमयुक्त चित्र भेंट कर सम्मानित किया।
समारोह का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों को उनकी निरंतर शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर सम्मानित करना रहा। लगातार एक एवं दो वर्षों तक उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलर बैज, लगातार तीन वर्षों तक उत्कृष्टता बनाए रखने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलर ब्लेज़र तथा लगातार चार वर्षों तक यह उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलर टाई प्रदान की गई। ये सम्मान केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का प्रतीक नहीं थे, बल्कि विद्यार्थियों की निरंतरता, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं। इस अवसर पर अभिभावकों की गरिमामय उपस्थिति ने समारोह को और भी विशेष बना दिया। विद्यार्थियों की सफलता में उनके अभिभावकों के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और त्याग को विशेष रूप से सराहा गया। यह समारोह विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों तथा युवा प्रतिभाओं को सही दिशा में आगे बढ़ाने के संकल्प का सुंदर उदाहरण बना।
अपने स्वागत संबोधन में प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने सभी विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं नन्हे मेधावी विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने विद्यालय का निमंत्रण स्वीकार कर समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। 145 मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता कोई एक दिन की उपलब्धि नहीं होती, बल्कि यह निरंतर परिश्रम, अनुशासन, धैर्य और सीखने के प्रति जिज्ञासा का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता में अभिभावकों एवं शिक्षकों के अमूल्य योगदान की सराहना की। साथ ही, बच्चों को जिज्ञासु, विनम्र और दृढ़ संकल्पित बने रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने में नहीं, बल्कि मजबूत संस्कार, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में निहित है।
सभा को संबोधित करते हुए श्री मनोज कुमार, आईएएस ने सभी मेधावी विद्यार्थियों को उनकी शानदार शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कम उम्र से ही विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्तिगत विकास और सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान की मजबूत नींव तैयार करने, अनुशासन अपनाने और अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने परिश्रम, ईमानदारी और निरंतर प्रयास के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को अपनी शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
श्री रमेश घोलप, आईएएस ने सभी पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी लगन और निरंतरता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उपलब्धियां तभी सार्थक बनती हैं, जब उनके साथ अच्छा चरित्र, अनुशासन और सीखने की निरंतर इच्छा भी जुड़ी हो। विद्यार्थियों को चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि प्रत्येक असफलता सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बच्चों के व्यक्तित्व एवं भविष्य के निर्माण में अभिभावकों और शिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की।
श्री किशोर कौशल, आईपीएस ने नन्हे मेधावी विद्यार्थियों की शानदार शैक्षणिक उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें पूरी निष्ठा और दृढ़ संकल्प के साथ उत्कृष्टता की ओर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता कड़ी मेहनत, आत्म-अनुशासन, एकाग्रता और उच्च नैतिक मूल्यों का सम्मिलित परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया, जो दूसरों का सम्मान करें और समाज के विकास में सकारात्मक योगदान दें। उन्होंने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अभिभावकों एवं शिक्षकों के महत्त्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया।
समारोह के समापन अवसर पर प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने अपनी प्रसन्नता एवं गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान समारोह केवल अच्छे अंकों का उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समर्पण, परिश्रम, धैर्य और प्रतिबद्धता का सम्मान है। उन्होंने सभी 145 मेधावी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि स्कॉलर बैज, स्कॉलर ब्लेज़र और स्कॉलर टाई केवल सम्मान-चिह्न नहीं, बल्कि निरंतरता, जिम्मेदारी और प्रत्येक वर्ष स्वयं को बेहतर बनाने के संकल्प के प्रतीक हैं। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक यात्रा का सबसे मजबूत आधार बताते हुए उनके निरंतर सहयोग और विश्वास के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही, विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने में शिक्षकों के अथक प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को निडर होकर सपने देखने, ईमानदारी से परिश्रम करने तथा विनम्रता और अच्छे संस्कारों को सदैव बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य ऐसे व्यक्तित्वों का निर्माण करना है, जो शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट होने के साथ-साथ संवेदनशील, जिम्मेदार और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण नागरिक भी बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा प्रतिभाएं भविष्य में भी अपनी उपलब्धियों से विद्यालय को गौरवान्वित करेंगी और समाज तथा राष्ट्र के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देंगी।
यह भव्य सम्मान समारोह प्रतिभा, परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्टता का उत्सव बनने के साथ-साथ विद्यार्थियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा देकर संपन्न हुआ।






