डीएलएओ कार्यालय के अमित कुमार समेत चार पर ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज
सुकुरहुट्टू में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए ली गयी जमीन के मुआवजे को लेकर 2.25 करोड़ की ठगी
उपायुक्त के कहने पर एसएसपी ने दिया निर्देश, कांके थाना में एफआइआर दर्ज
विशेष संवाददाता
रांची : ट्रांसपोर्ट नगर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा भुगतान की ठगी मामले में जिला भू अर्जन कार्यालय (डीएलएओ) के संलिप्त कर्मियों समेत बिचौलिया नुरूल होदा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है। जिला भू अर्जन कार्यालय के अमित कुमार, हर्ष लालशाहदेव और अमीन राज कुमार महतो तथा बिचौलिया नुरूल होदा के खिलाफ उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने एसएसपी को एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया था। डीएलएओ कार्यालय के फरजी सिंडिकेट ने 1.25 करोड़ रुपये की घूस नुरूल होदा से ली। 4.50 करोड़ के कुल मुआवजे की राशि में से डीएलएओ कार्यालय की तरफ से 2.25 करोड़ यानी 50 फीसदी राशि की ठगी की गयी।
सलाना सिंडिकेट के सदस्य करते हैं 50 से 100 करोड़ की ठगी
यह वाक्या कोई पहला वाक्या नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की ठगी के कारनामे जिला भू अर्जन कार्यालय से होते रहे हैं। वर्तमान डीएलएओ कृष्ण कन्हैया राजहंस के आने के बाद यह गतिविधि अधिक बढ़ गयी है। कार्यालय का सहायक अमित कुमार इस गिरोह का मुख्य मास्टर माइंड है। जो फाइलों को गायब करने से लेकर फर्जी भुगतान कराने के मामले में शामिल रहता है। बताया जाता है कि जिला भू अर्जन कार्यालय से औसतन सलाना चार सौ से पांच सौ करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान किया जाता है। डीएलएओ कार्यालय का सिंडिकेट प्रत्येक वर्ष मुआवजे की राशि दिलाने और सेटिंग-गेटिंग करने के नाम पर 50 से 100 करोड़ रुपये की कमायी करता है। इनकी वजह से वास्तविक रैयतों का काम नहीं हो पाता है और पैसे नहीं दिये जाने के चलते फाइलों को वर्षों तक दबा दिया जाता है।
सुकुरहुट्टू के ट्रांसपोर्ट नगर में मुआवजे को लेकर फरजी सिंडिकेट ने गढ़ी पूरी साजिश
सुकुरहुट्टू के ट्रांसपोर्ट नगर मामले में पहले इस सिंडिकेट ने एक फरजी जमीन दलाल नुरूल होदा को खड़ा किया। डीएलएओ कार्यालय के कर्मियों ने फरजी दलाल को रैयतों से मिला कर डील फाइनल की और कहा कि इसमें 50 फीसदी राशि बतौर घूस लगेगा, जो ऊपर देना होगा। इसी क्रम में मार्च में पहली किस्त का भुगतान किया गया। मुख्य रैयत तेतरी देवी, मोतीलाल पाहन और अन्य के हिस्से का 2.25 करोड़ रुपये हड़प लिया। इसमें भारतीय स्टेट बैंक के कांके शाखा के कर्मियों की मिलीभगत भी रही है। सुकुरहुट्टू के ट्रांसपोर्ट नगर में सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहित की गयी है। इसमें ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण के लिए मोतीलाल पाहन, तेतरी देवी की 73 डिसमिल से अधिक जमीन सरकार की ओर से ली गयी है। नुरूल होदा ने फरजी तरीके से मुआवजे की 2.25 करोड़ रुपये अपने स्टेट बैंक के खाता संख्या 45026420579 पर ट्रांसफर करायी।
कैसे हुआ इस मामले का खुलासा
इस बात का खुलासा तब हुआ, जब रैयत ने एक आवेदन दिया कि उसके साथ ठगी हुई है। 17 मार्च 2026 को रैयत मोतीलाल पाहन के खाते में मुआवजे की राशि की पहली किस्त के रूप में 1.39 करोड़, तेतरी देवी के नाम से 44.33 लाख, छुनकू पाहन के नाम से 44.33 लाख रुपये मिले। दूसरी किस्त के रूप में मोतीलाल पाहन के खाते में 92.78 लाख, तेतरी देवी के खाते में 30.92 लाख, छुनकी के खाते में 30.92 लाख मिले। इन रैयतों से नुरूल होदा ने सभी के खाते से 75.75 लाख रुपये लिये। कुल मिला कर 2.25 करोड़ रुपये नुरूल होदा ने अपने खाते में ट्रांसफर कराये। बताया जाता है कि नुरूल होदा ने डरा धमका कर रैयतों से पैसे लिये जिसमें डीएलएओ कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत थी।






