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केरेडारी के जंगलों में पुलिस का बड़ा स्ट्राइक : शाहदेव महतो समेत 4 इनामी नक्सली ढ़ेर


नक्सल मुक्त हुआ हजारीबाग जोन, चाईबासा जेल ब्रेक का मास्टरमाइंड शाहदेव का भी हुआ एनकाउंटर

रांची एक्सप्रेस संवादाता

 चतरा । झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित खपिया गांव के जंगलों में चलाए गए "ऑपरेशन कोटिनीर" (Ops - KotiNeer) के दौरान सुरक्षा बलों ने भीषण मुठभेड़ में चार खूंखार नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में 15 लाख का इनामी और चाईबासा जेल ब्रेक कर भागा मास्टरमाइंड शाहदेव महतो भी शामिल है। झारखंड पुलिस ने इस ऑपरेशन को हजारीबाग-चतरा सीमावर्ती क्षेत्र से नक्सलियों के पूर्ण सफाया को लेकर संचालित कर रखा था। शाहदेव के अलावे मुठभेड़ में 10 लाख के इनामी जोनल कमेटी सदस्य रंजीत गंझु भी मारा गया है। रंजीत चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के सतीटाड़ गांव का रहने वाला था। इसके विरुद्ध अलग-अलग थानों में डेढ़ दर्जन मामले दर्ज थे। इसके अलावा सब-जोनल कमेटी सदस्य नताशा और एक लाख का ईनामी एरिया कमांडर बुधन करमाली  भी मुठभेड़ में ढ़ेर हुआ है। पुलिस के अनुसार नताशा महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के थाईपरागढ़ गांव की रहने वाली थी। इसके विरुद्ध कुल 17 मामले दर्ज थे। वहीं बुधन चतरा के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोदवार गांव का निवासी था। जिसकी 10 अलग-अलग कांडो में पुलिस को तलाश थी।

*जेल ब्रेक कर भागा था शाहदेव महतो..!*

इस मुठभेड़ की सबसे बड़ी सफलता शाहदेव महतो (क्षेत्रीय कमेटी सदस्य) का मारा जाना है। शाहदेव पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ 41 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। उल्लेखनीय है कि शाहदेव महतो वही नक्सली है जो झारखंड के चाईबासा जेल ब्रेक कांड को अंजाम देकर फरार हुआ था और लंबे समय से पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। शहदेव महतो हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र के कुठन गांव का रहने वाला था। 

*लूटे हुए हथियारों से ही पुलिस पर कर रहे थे हमला..!*

झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। प्रेस रिलीज में बताया गया है कि जब्त किए गए चार मुख्य हथियारों में से तीन हथियार पुलिस से ही लूटे गए थे। बरामद हथियारों में 02 एके-47 राइफल, 01 कोल्ट एआर-15 राइफल और 01 इंसास राइफल शामिल है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों के ही हथियारों का इस्तेमाल उनके खिलाफ करना उनकी आक्रामक रणनीति का हिस्सा था, जिसे अब विफल कर दिया गया है।

*साफ हुआ हजारीबाग-चतरा का सीमावर्ती क्षेत्र..!*

पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह संयुक्त ऑपरेशन 209 कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस द्वारा सटीक खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया था। मुठभेड़ में नक्सलियों की ओर से भारी गोलीबारी के जवाब में सुरक्षा बलों ने मुंहतोड़ कार्रवाई की। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से पारसनाथ-लुगुझुमरा और हजारीबाग-चतरा के जंगली इलाकों में सक्रिय माओवादी दस्ते का पूरी तरह सफाया हो गया है। झारखंड पुलिस ने शेष बचे उग्रवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में शामिल हों।