मूल विद्यालय से अत्याधिक दूरी में प्रतिनियोजन से शिक्षकों को हो रही है परेशानी, उचित समाधान करे विभाग
रांची, दिनांक, 20/05/2026,
झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा ने राष्ट्रीय जनगणना 2026 के कार्य हेतु राज्य के सभी सरकारी विद्यालय के लगभग शत - प्रतिशत शिक्षकों को प्रतिनियोजित किए जाने से राज्य के सरकारी विद्यालयों के शिक्षण कार्य के साथ साथ रिपोर्टिंग कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ने को लेकर सरकार से अपील किया है कि विद्यालय के कम से कम 25% शिक्षकों को जनगणना कार्य से विमुक्त रखा जाए।
इस संदर्भ में झारखण्ड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के प्रदेश संयोजक अमीन अहमद, विजय बहादुर सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार दास ने कहा है कि राष्ट्रीय स्तर के इस पुनीत कार्य में राज्य के अन्य विभाग, स्वयं सेवी संगठनों के साथ साथ राज्य के उन लाखों बेरोजगार युवकों को आउटसोर्सिंग कार्य के तर्ज पर उक्त कार्य हेतु अवसर दिया जाना चाहिए।
उक्त सम्बन्ध में मोर्चा ने सरकार को ज्ञापन सौंप कर विद्यालय में शिक्षण -प्रशिक्षण का कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ने के साथ शिक्षकों की पूरी गर्मी की छुट्टी बर्बाद हो जाने की बात कही है।
ज्ञातव्य है कि शिक्षकों को यह गर्मी की छुट्टी उनके द्वारा अर्जित की गई छुट्टी के बदले दिया जाता है, अतः इस अवधि में शिक्षक स्वयं एवं अपने स्वजनों के ईलाज के साथ साथ कई अन्य कार्य संपादित करते हैं, परन्तु इस कार्य के कारण उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे ही चल रहे हैं ऐसे में विद्यालय के शिक्षण कार्य के अतिरिक्त रिपोर्टिंग कार्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ना स्वभाविक है।
शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति में अव्यावहारिक पहलुओं का सहज अवलोकन तब होता है जब कतिपय शिक्षकों को अपने मूल विद्यालय से 50 से 60 किलोमीटर दूर के क्षेत्रों में जाकर जनगणना कार्य का संपादन करना है।
उक्त सम्बन्ध में मोर्चा ने विभागीय सचिव से इस अनियमितता को दूर कर राष्ट्रीय स्तर के जनगणना कार्य को सफल एवं त्रुटिरहित कार्य संपादित करने एवं विद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कार्य की गुणवत्ता पूर्ण रहने में मदद करने की अपील की है।





