डीसी ने रागी पाउडर के उपयोग एवं बच्चों के पोषण पर महिलाओं के साथ किया संवाद
भोरंज 16 अक्तूबर। छोटे बच्चों में कुपोषण को रोकने और उनका सही पोषण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की विशेष पहल के अंतर्गत भोरंज उपमंडल में पायलट आधार पर आरंभ किए गए न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा एवं इसके बारे में फीडबैक प्राप्त करने के लिए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने शुक्रवार को यहां मिनी सचिवालय में महिलाओं के साथ द्वितीय चरण का संवाद किया। कार्यक्रम में छोटे बच्चों की माताओं सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन (पोषण हस्तक्षेप) अभियान के तहत भोरंज में छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी के पाउडर का वितरण आरंभ किया गया है। इस पाउडर के अलग-अलग व्यंजन बनाकर बच्चों को खिलाए जा सकते हैं। ये व्यंजन छोटे बच्चों को खूब भा रहे हैं और इनसे बच्चों के स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास के विभिन्न मानकों में उल्लेखनीय सुधार नजर आने लगा है।
उपायुक्त ने बताया कि इस माह रागी के कुछ और व्यंजन एवं उत्पाद दिए गए हैं। सभी माताएं इन नए व्यंजनों एवं उत्पादों के बारे में भी अपनी राय या फीडबैक अवश्य दें, ताकि बच्चों के पोषण में आवश्यक सुधार किए जा सकें। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से दी जाने वाली खाद्य सामग्री की सूची में इन नए व्यंजनों एवं उत्पादों को शामिल करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है।
इस अवसर पर एसडीएम शशिपाल शर्मा और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सुनील कुमार ने उपायुक्त का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रागी पाउडर से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोरंज का चयन किया जाना बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संवाद सत्र में सीडीपीओ सुजानपुर कुलदीप चौहान, तहसीलदार भोरंज डॉ. आशीष शर्मा, परियोजना भोरंज के वृत्त पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में अन्य महिलाएं भी उपस्थित रहीं।






