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झारखंड में पहली बार प्रतिष्ठित ‘नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस (NFC-2026)’ का होगा भव्य आयोजन


रांची, 16 अक्टूबर 2026:

झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आगामी 10 से 12 दिसंबर, 2026 तक तीन दिवसीय प्रतिष्ठित ‘नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस (NFC-2026)’ का आयोजन रांची स्थित स्कीपा (SKIPA) सभागार, मोराबादी में किया जाएगा। इस राष्ट्रीय सम्मेलन की रूपरेखा साझा करने, आधिकारिक ब्रोशर तथा समर्पित वेब पोर्टल के अनावरण हेतु आज वन भवन मुख्यालय के विवेकानंद सभागार में एक गरिमामय समारोह व प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। 
इस कार्यक्रम  की अध्यक्षता प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख , झारखंड, श्री संजीव कुमार, भारतीय वन सेवा ने की। कार्यक्रम के दौरान आधिकारिक पोर्टल (https://appforest.jharkhand.gov.in/nfc) एवं ब्रोशर का औपचारिक विमोचन किया गया। 
इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी— श्री ए. टी. मिश्रा, IFS, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री रवि रंजन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राजकुमार बाजपेयी, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक श्री आर. थांगा पांडियान,  मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी), श्री एस. आर. नटेश तथा श्री विनय कुमार मिश्रा, IFS ,श्री प्रसन्नजीत मुखर्जी, वन उत्पादकता संस्थान (IFP) एवं सामाजिक पारिस्थितिकी व पुनर्वनीकरण केंद्र (CSER) के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आगामी सम्मेलन के उद्देश्यों, तकनीकी सत्रों और झारखंड के वानिकी परिदृश्य पर विस्तृत प्रकाश डाला।
 उन्होंने कहा कि : "धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पावन भूमि का लगभग एक-तिहाई भूभाग वनों से आच्छादित है। राष्ट्रीय वानिकी कांग्रेस 2026 की मेजबानी करना झारखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह राष्ट्रीय मंच वन संरक्षण, जैव विविधता सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और वनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका को सशक्त बनाकर देश की प्राकृतिक संपदा के सतत प्रबंधन हेतु एक नई दिशा तय करेगा।"
यह कांग्रेस भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) के वैज्ञानिक मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और पेरिस समझौते के तहत भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप वन प्रबंधन को सशक्त बनाना है। 
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख का संबोधन:
सम्मेलन की मुख्य विशेषताएं एवं 12 प्रमुख तकनीकी विषय (Themes):
सम्मेलन में देशभर के प्रतिष्ठित वन प्रशासक, नीति निर्माता, अनुसंधान वैज्ञानिक, पारिस्थितिकीविद और शिक्षाविद भाग लेंगे। इस दौरान वानिकी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े 12 मुख्य तकनीकी विषयों पर गहन विमर्श होगा:
1. वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष सुधार (Forest Genetics & Tree Improvement)
2. सिल्वीकल्चर एवं वन प्रबंधन (Silviculture & Forest Management)
3. जैव विविधता संरक्षण एवं प्रबंधन (Biodiversity Conservation & Management)
4. कृषि वानिकी एवं फार्म वानिकी (Agroforestry & Farm Forestry)
5. खनन प्रभावित एवं अवक्रमित भूमि का पारिस्थितिक पुनरुद्धार (Eco-restoration)
6. जलवायु परिवर्तन, कार्बन फॉरेस्ट्री एवं इकोसिस्टम सर्विसेज
7. जीआईएस (GIS), रिमोट सेंसिंग और फॉरेस्ट इन्फॉर्मेटिक्स
8. फॉरेस्ट हाइड्रोलॉजी एवं जलसंभर व मृदा संरक्षण
9. वन अर्थशास्त्र, काष्ठ प्रौद्योगिकी और वनोत्पाद आधारित आजीविका
10. वन गवर्नेंस, सामुदायिक भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं
11. पर्यावास एवं वन्यजीव प्रबंधन (Habitat & Wildlife Management)
12. एआईसीआरपी (AICRPs) के परिणाम एवं अनुप्रयोग
महत्वपूर्ण तिथियां एवं पंजीकरण विवरण:
सम्मेलन हेतु पंजीकरण प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रखी गई है: 
• ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ: 17 अक्टूबर, 2026 
• शोध सारांश (Abstract) जमा करने की अंतिम तिथि: 20 नवंबर, 2026 
• स्वीकृति सूचना (Notification of Acceptance): 25 नवंबर, 2026 
• पूर्ण शोध पत्र (Full Paper) जमा करने की अंतिम तिथि: 30 नवंबर, 2026 
• सम्मेलन आयोजन तिथि: 10 से 12 दिसंबर, 2026
• स्थान: स्कीपा (SKIPA) सभागार, मेयर्स रोड, मोराबादी, रांची, झारखंड 834008 
प्रतिभागी आधिकारिक पोर्टल https://appforest.jharkhand.gov.in/nfc के माध्यम से सीधे अपना निःशुल्क पंजीकरण एवं पेपर सबमिट कर सकते हैं। 
सम्पर्क सूत्र (मीडिया/आयोजन सचिवालय):
• ईमेल: info@nfc2026jharkhand.com 
• आधिकारिक वेबसाइट: https://appforest.jharkhand.gov.in/nfc
• कार्यालय पता: वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड, वन भवन, डोरंडा, रांची - 834002