पश्चिमी सिंहभूम, 18 मार्च । ड्यूटी निभाते हुए रेलवे के ट्रेन मैनेजर देवेंद्र शर्मा (57) की मौत हो गई। वे जमशेदपुर के परसुडीह स्थित मां दुर्गा अपार्टमेंट फेज-6 के निवासी थे। घटना के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, देवेंद्र शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत ट्रेन्स क्लर्क के रूप में की थी। वर्ष 2004 में वे गार्ड बने, जिसे अब ट्रेन मैनेजर (गुड्स) कहा जाता है।
चक्रधरपुर, आदित्यपुर और टाटा में सेवा देने के बाद हाल ही में वे ट्रेन मैनेजर (पैसेंजर) के रूप में चक्रधरपुर में पदस्थापित थे।
बताया जा रहा है कि 16 मार्च 2026 की शाम करीब 5 बजे वे ट्रेन संख्या 12869 लेकर हावड़ा के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन उन्होंने ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका। सहकर्मियों का आरोप है कि प्रशासनिक दबाव और कार्रवाई के डर से उन्होंने खराब हालत में भी ड्यूटी जारी रखी।
करीब 11 घंटे की ड्यूटी के बाद 17 मार्च 2026 को सुबह 3:15 बजे उन्होंने ट्रेन को हावड़ा स्टेशन पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने की सूचना संतरागाछी गार्ड रोस्टर को दी, लेकिन कुछ ही देर में वे प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े।
आरोप है कि यूनिफॉर्म और पहचान के बावजूद उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। करीब तीन घंटे बाद उन्हें लगभग 400 मीटर दूर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
देवेंद्र शर्मा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना के बाद सहकर्मियों में आक्रोश है और रेलवे प्रशासन पर लापरवाही तथा कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव डालने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सहकर्मियों का कहना है कि चक्रधरपुर डिवीजन में यह पहली घटना नहीं है। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है।
उनका आरोप है कि जब कोई ट्रेन मैनेजर तबीयत खराब होने की सूचना देता है, तो उसे गंभीरता से लेने के बजाय नजरअंदाज किया जाता है।
इस पूरे मामले में चक्रधरपुर निवासी सह यूनियन नेता चांद मोहम्मद ने भी रेलवे सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं।






