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बजट सत्र का दूसरा दिन: आवारा कुत्तों से लेकर सिंचाई संकट तक गूंजेंगे अहम मुद्दे


भोपाल, मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज मंगलवार को दूसरा दिन है। पहले दिन की कार्यवाही राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के जोरदार हंगामे की वजह से बाधित हो गई थी, जिसके चलते सदन को स्थगित करना पड़ा। अब आज के सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सदन में राजनीतिक हलचल तेज रहने के आसार हैं।

आज की कार्यवाही की शुरुआत से ही विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। सबसे पहला बड़ा सवाल नगरीय प्रशासन विभाग से जुड़ा रहेगा, जिसे कांग्रेस विधायक आतिफ अकील सदन में उठाएंगे। वे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विभाग से संबंधित एक गंभीर मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाने वाले हैं। यह मुद्दा राजधानी भोपाल में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर है, जोकि इन दिनों आम जनता की चिंता का कारण बन चुकी है।

राज्‍य की राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों और इससे लोगों की सुरक्षा पर पड़ रहे असर को लेकर यह मुद्दा काफी संवेदनशील हो गया है। शहर के कई इलाकों में बच्चों और बुजुर्गों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे नागरिकों में भय का माहौल है। विपक्ष का आरोप है कि नगर प्रशासन इस समस्या से निपटने में पूरी तरह विफल रहा है। ऐसे में आतिफ अकील इस मामले को सदन में जोरदार तरीके से उठाकर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।

दूसरी ओर, सत्तापक्ष के वरिष्ठ विधायक भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर सरकार के सामने सवाल रखेंगे। दमोह जिले से आने वाले वरिष्ठ भाजपा विधायक जयंत मलैया ने जल संसाधन विभाग से जुड़े एक अहम मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है। उन्होंने दमोह जिला में अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजना को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। यह परियोजना लंबे समय से अधूरी पड़ी है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

किसानों की परेशानियों को लेकर यह मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठ सकता है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यदि परियोजना समय पर पूरी हो जाती तो उन्हें बेहतर सिंचाई सुविधा मिलती और फसलों का उत्पादन भी बढ़ता। ऐसे में यह मामला सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि पर पड़ रहा है।

आज के सत्र का सबसे अहम हिस्सा वित्तीय मामलों से जुड़ा रहेगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा आज सदन में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। यह बजट मुख्य रूप से फरवरी और मार्च महीने के सरकारी खर्चों को पूरा करने के लिए लाया जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस अनुपूरक बजट का आकार 10 से 15 हजार करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।

अनुपूरक बजट पेश होने के बाद इस पर चर्चा भी होने की संभावना है, जिसमें विपक्ष सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठा सकता है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सरकार किन क्षेत्रों में अतिरिक्त खर्च की योजना बना रही है और इसका लाभ आम जनता तक किस तरह पहुंचेगा।

उल्‍लेखनीय है कि यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा और आने वाले दिनों में वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट पर भी विस्तृत चर्चा होगी। जिसमें कि राज्य के विकास, किसानों की स्थिति, शहरी समस्याओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े मुद्दे सदन में उठेंगे। पहले दिन के हंगामे के बाद आज की कार्यवाही को लेकर सभी की नजरें सदन पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच किस तरह की बहस होती है और जनता से जुड़े मुद्दों पर क्या ठोस फैसले सामने आते हैं।