BREAKING NEWS

logo

मध्य प्रदेश में आज से शुरू होगा दस्तक अभियान का द्वितीय चरण


भोपाल, मध्य प्रदेश में आज मंगलवार से दस्तक अभियान के द्वितीय चरण की शुरुआत हो रही है। यह चरण 19 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। अभियान में 88 लाख से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है।

अभियान का उद्देश्य 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों में विटामिन-ए की कमी रोकना, बाल मृत्यु दर एवं रतौंधी में कमी लाना, एनिमिया फालोअप सुदृढ़ करना, प्रथम चरण में छुटे बच्चों की पहचान करना है। अभियान के दो माह तक चलने वाले इस चरण में 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों में विटामिन-ए का अनुपूरण किया जाएगा तथा प्रथम चरण में एनिमिक पाए गए बच्चों का फालोअप किया जाएगा।

इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने कहा कि दस्तक अभियान के उ‌द्देश्यों को प्राप्त करने के लिए हमें मजबूत रणनीति के साथ काम करना होगा। इसके लिए आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम के माध्यम से हमें जिले में चिन्हित 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों तक पहुँचना होगा। खासकर हमारा ध्यान हाईरिस्क एरिया, अर्बन स्लम, पहुँचविहीन क्षेत्रों, खानाबदोश आबादी, ईट भट्टे, बंजारा आबादी तथा निर्माणाधीन भवन पर होना चाहिए। अभियान के दौरान मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत बनाए।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान इंदौर जिले में लगभग 04 लाख बच्चों को विटामिन-ए की दवा पिलायी जायेगी तथा लगभग 1.5 लाख बच्चों का एनिमिया परीक्षण किया जायेगा, मैदानी स्तर पर एएनएम, आशा तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (लगभग 2000 स्वास्थ्य कार्यकर्ता) द्वारा टीकाकरण सत्रों पर अभियान संचालित किया जायेगा तथा आगामी दिवस पर छुटे हुए बच्चों को सेवाएँ दी जायेगी।

उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 300 से अधिक दस्तक दलों के माध्यम से चार लाख से अधिक बच्चों को सेवाएं प्रदान की जाएंगी, इस बार भी दस्तक अभियान के दौरान प्रथम दिन सेवाएं VHND / UHND पर प्रदान की जाएगी तथा छूटे हुए बच्चों को अगले दिन दस्तक दल द्वारा सेवाएं दी जाएगी।

भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमें भोपाल जिले के तीन लाख बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि माता-पिता अपने बच्चों को समय पर विटामिन ए जरूर पिलवाए, क्योंकि यह उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।