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महाविकास आघाड़ी में राज्यसभा को लेकर लॉबिंग तेज


मुंबई,  महाविकास आघाड़ी में राज्यसभा की सदस्यता केलिए अभी से लॉबिंग तेज हो गई है। एनसीपी (एसपी) के मुखिया शरद पवार को फिर से राज्यसभा में भेजने और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते शिवसेना (यूबीटी) की दावेदारी को लेकर खींचतान के आसार हैं।

विधान परिषद में भी उद्धव ठाकरे की सदस्यता का पेंच बरकरार है। संख्या बल के हिसाब से महाविकास आघाड़ी का राज्यसभा और विधान परिषद में एक-एक ही सदस्य चुना जा सकता है। राज्यसभा की अप्रैल में सात सीटें रिक्तहो रही हैं। 


इसमें शरद पवार के साथ फौजिया खान, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस की रजनी पाटिल, भाजपा के भागवत कराड, और आरपीआई अध्यक्ष रामदास आठवले काराज्यसभा से टर्म खत्म हो रहा है। विधानसभा में महायुति का संख्या बल अधिक है।इसलिए महायुति निर्दलीय विधायकों को मिलाकर छह सीटें जीत सकती है, जबकि महाविकास आघाड़ीमिलकर एक सीट जीत सकती है।

भाजपा के 131, शिवसेना (शिंदे गुट)-57 और एनसीपी (अजीत पवार)- 40 और कुछ अन्य छोटे दलों व निर्दलीय विधायकों को मिला ले तो की सत्तारूढ़ महायुति के 235 विधायक हो जाते हैं। दूसरी तरफ शिवसेना यूबीटी के 20, कांग्रेस के 16 और एनसीपी (एसपी) 10 और सपा-एमआईएम के विधायकों को मिलाने पर विपक्षी दलों के विधायकों की संख्या 50 के आस पास पहुंचती है. 

ऐसे में विधानसभा में उपलब्ध विधायकों की संख्या के आधार पर सभी विपक्ष दल मिलेंगे तो ही उनका कोई एक सदस्य राज्य सभा और विधान परिषद में जा पाएगा। राज्यसभा में महायुति के 6 और विधान परिषद में 8 सदस्यों का चुना जाना तय है। महाविकास आघाड़ी एक-एक सदस्य तभी चुने जाएंगे, जब यूबीटी, कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) में सहमति बनेगी।