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रितु के हत्यारे 20 तक गिरफ्तार नहीं हुए तो आमरण अनशन


मेदिनीनगर। चैनपुर थाना क्षेत्र के कोशियारा गांव की 10 वर्षीय रितु कुमारी की अपहरण और हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने प्रतिवाद मार्च निकाला और उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। जिसका नेतृत्व विजय चौरसिया कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने ‘रितु को न्याय दो अभियान’ के बैनर तले जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

मांग पत्र में कहा गया है कि 7 नवंबर 2025 को रितु कुमारी का कथित रूप से अपहरण कर उसके साथ मारपीट की गई थी। घटना के करीब दो दिन बाद उसका शव गांव के एक कुएं से बरामद हुआ था। मामले में रितु के पिता विनय प्रसाद चौरसिया ने चैनपुर थाना में कांड संख्या 219/25 दर्ज कराया था।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना को करीब 10 माह बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पीड़ित परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों में भी नाराजगी है। परिवार का आरोप है कि मामले में शामिल आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।

अभियान के माध्यम से मामले की सीबीआई जांच कराने, नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने, जांच की प्रगति की जानकारी पीड़ित परिवार को देने तथा परिवार की सुरक्षा और मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि 20 सितंबर तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 21 सितंबर से पीड़ित परिवार अनिश्चितकालीन धरना और आमरण अनशन शुरू करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रितु के अपहरण और हत्या के 10 माह के बीच जाने के बाद भी अगर अपराधी सड़क पर खुले आम घूम रहा है तो उससे यह सिद्ध होता है कि पुलिस और अपराधियों के बीच गठजोड़ है। कुछ वक्ताओं ने तो यह भी कहा कि अपराधियों के बचाने में वर्तमान विधायक आलोक चौरसिया भी सक्रिय हैं।

विधायक के गांव के बगल वाले गांव में यह घटना घटती है और अपराधी सड़कों पर घूमते हैं तो साफ जाहिर है कि विधायक भी अपराधी का को संरक्षण दे रहे हैं।

धरना में मुख्य रूप से भाकपा माले, झारखंड क्रांति मंच, जन संग्राम मोर्चा, क्रांतिकारी किसान मजदूर यूनियन, भीम आर्मी, सामाजिक न्याय परिषद, इप्टा, अदी कुरुख सरना समाज, चेरो आदिवासी भैयारी पंचायत एवं झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा के प्रतिनिधि उपस्थित थे।