पूर्वी सिंहभूम, 25 अप्रैल ।
नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार देर रात चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान में दो तस्करों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से करीब 15 किलो गांजा बरामद किया गया। बरामद गांजा की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई टाटानगर स्थित आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी अधिकारी एस.के. साव और रेल एसपी अजीत कुमार के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रेन के माध्यम से गांजा की खेप टाटानगर स्टेशन पहुंचने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दो व्यक्तियों को रोका गया, जिनकी तलाशी लेने पर उनके पास से गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बिहार के नवादा जिले के रजौली निवासी उपेंद्र कुमार (38 ) और विनोद साव (55 ) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने गांजा की खेप को दूसरे राज्य तक पहुंचाने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है और इसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही जब्त गांजा को भी विधिवत सील कर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन नार्कोस” के तहत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे मार्ग से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

