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खरीफ मक्का एवं मोटे अनाज की खेती विषय पर प्रशिक्षण सह समीक्षात्मक बैठक आयोजित




सहरसा। जिला कृषि पदाधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को जिला के अंदर प्रसार कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम खरीफ मक्का एवं मोटे अनाज की खेती विषय पर प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी ज्ञानचन्द शर्मा ने किया गया।कार्यक्रम में डॉ डी के चौधरी द्वारा खरीफ मक्का एवं मोटे अनाज पर विस्तृत जानकारी सभी संबंधित प्रसार कार्यकर्त्ता यथा कृषि समन्वयक,एटीएम बीटीएम,किसान सलाहकार को दी गयी। उनके द्वारा श्री अन्न पौष्टिकता से भरपूर समृद्ध सुखा सहिष्णु फसल है। आमतौर पर लोग मिलेट्स का मतलब ज्वार और बाजरा समझते है,परन्तु मिलेट्स की श्रेणी में और बहुत से अनाज आते है, यथा-रागी, चीना, सावा, कोदो, कंगनी, कुटकी आदि आते है।

कार्यक्रम में डॉ रामानंद पटेल के द्वारा मौसम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी।उनके द्वारा बताया गया किसानों को मौसम संबंधी विस्तृत जानकारी हेतु अलग-अलग एप्लीकेशन उपलब्ध है, जिसमें ठनका अलर्ट हेतु दामिनी एप, वर्षा बादल संबंधी जानकारी हेतु मेघदूत एप तथा मौसम जानकारी हेतु मौसम एप हैं।

कार्यक्रम में डॉ डीके महतो द्वारा बताया गया कि आज स्वास्थ्य मुख्य मुद्दा बन चुका है एवं यह सभी के लिए महत्वपूर्ण है। मिलेट्स के सेवन से हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मिलेट्स एक प्रकार का अनाज होता है। यह गेहूँ, चावल एवं जौ के समान ही होते है।इनमें अनाजों के मुकाबले अधिक पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ होते है। इसमें बहुतायत मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, मिनरल्स, कैल्शियम एवं फाईबर मौजूद होते है। यह शरीर के महत्वपूर्ण पोषण तत्वों के लिए आवश्यक होते है।