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पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रामीणों की आजीविका संवर्धन पर कार्य करें वन अधिकारी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक हॉफ श्री संजीव कुमार ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश।


राज्य वन मुख्यालय झारखंड के विवेकानंद सभागार में आज प्रधान मुख्य वन संरक्षक, हॉफ झारखंड, श्री संजीव कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस समीक्षा बैठक में राज्य के सभी वन क्षेत्रों का एक माह के भीतर तकनीकी एवं डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने,पौधरोपण स्थानीय पारिस्थितिकी और उपयोगिता आधारित करने पर ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों की आजीविका भी मजबूत हो के प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही वन पट्टा के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा, काजू व बांस जैसी व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने, इको-टूरिज्म के विकास तथा जंगली हाथियों से प्रभावित लोगों को समय पर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए। इन बिंदुओं पर माननीय मुख्यमंत्री झारखंड सरकार श्री हेमंत सोरेन द्वारा 20 जुलाई को दिए गए निर्देश का ससमय अनुपालन हेतु सभी डीएफओ को निर्देश दिए गए ।
ज्ञातव्य है कि 20 जुलाई को समीक्षा बैठक में निर्देश दिया गया कि “एक पेड़ लगाएं, पांच यूनिट मुफ्त बिजली पाएं” योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण, वन संरक्षण, जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और डिजिटल मॉनिटरिंग की समीक्षा की गई। 
राज्य स्तरीय इस समीक्षा बैठक में वन महोत्सव के राज्य भर में आयोजन की जिलावार समीक्षा की गई। वन महोत्सव का राज्यस्तरीय कार्यक्रम खेलगांव, टाना भगत स्टेडियम राँची में किया जाएग। 
प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजीव कुमार ने राजभर में मनाए जाने वाले वन महोत्सव में संबंधित जिले और समाज के हर वर्ग के लोगों को इसमें जोड़ने का कार्य करने का निर्देश दिया ताकि इस योजना की सफलता सुनिश्चित हो सके।
अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस 9 अगस्त को  वन विभाग पूरे झारखंड राज्य भर में उत्साह के साथ मनाएगा। अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाने का वन विभाग का मूल उद्देश्य इनकी अनूठी और सुंदर संस्कृति ,भाषा, परंपरा, जल जंगल जमीन के बारे में जागरूकता फैलाना है।
आज की इस बैठक में राष्ट्र वन मेला का आयोजन झारखंड में किए जाने, राष्ट्रीय फॉरेस्ट्री कांग्रेस का आयोजन झारखंड में किए जाने आदि विषयों पर विमर्श किया गया।
श्री संजीव कुमार ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा, घने जंगल और जैव विविधता राज्य की पहचान हैं, जिनके संरक्षण के साथ ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी जाय।    मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री एस आर नटेश ने वन विभाग के तमाम रिक्त पदों को भरने के कार्य को प्राथमिकता देने तथा मुआवजा भुगतान को सुगम बनाने का निर्देश दिया।
बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहअध्यक्ष जैव विविधता परिषद श्री विश्वनाथ शाह, नोडल प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह कार्यकारी निदेशक श्री ए टी मिश्रा , प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री राजीव रंजन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास श्री डी वेंकटेश्वर लू,मुख्य संरक्षक वन्य प्राणी झारखंड श्री एस आर नटेश, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक जमशेदपुर स्मिता पंकज ,वन संरक्षक प्रशासन श्री पी आर नायडू, उप वन संरक्षक श्री विजय शंकर दुबे,वन प्रमंडल पदाधिकारी रांची श्रीकांत वर्मा, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रशासन श्री अजिंक्य बनकर, डीएफओ वन्य प्राणी प्रमंडल रांची अवनीश चौधरी तथा वीसी के माध्यम से राज्य भर के सभी क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक,वन संरक्षक और डीएफओ ने भाग लिया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजीव कुमार ने उपस्थित सभी वरीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।